अनपरा। ऊर्जांचल के प्रमुख बाजारों में शुमार अनपरा बाजार में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बरसात का मौसम होने के कारण जगह-जगह फैली गंदगी से जहां बाजार की रौनक खराब हो रही है वहीं स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत पर भी सवालिया निशान लग रहा है। कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लबे सड़क पड़े कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध लोगों को जहां विचलित कर रही है वहीं गंदगी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
अनपरा बाजार के व्यापारी नेता राकेश चौबे, अजय प्रसाद सोनी, जुल्फिकार अली, राम प्रसाद अग्रवाल आदि का कहना है कि अनपरा बाजार में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था न होने के कारण आये दिन गंदगी का अंबार लगा रहता है। अनपरा बाजार के मुख्य द्वार से लेकर अनपरा बाजार के अंतिम छोर तक गंदग फैली है। लोगों का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री चाहे जितनी कोशिश कर ले पर जिम्मेदार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का तैयार नहीं है। दो ग्राम सभाओं के बीच पड़ने वाले अनपरा बाजार में महीने चार महीने में कभी कभार शोर गुल होने पर ग्राम प्रधान सफाई करा देते है पर कूड़ा निस्तारण न होने से पुन: वहीं स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लोगों का कहना है कि साफ-सफाई के नाम लाखों रुपये का बजट प्रति वर्ष ग्राम सभाओं में दिखाया जाता है पर हकीकत इसके विपरीत है। बरसात के मौसम में गंदगी से उठती दुर्गंध व्यापारियों से सहित ग्राहको को विचलित कर रही है। बाजार के बीचोबीच डिवाडर पर फैली गंदगी बाजार की रौनक को भी खराब कर रही है। लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अनपरा बाजार में साफ-सफाई की मांग की है।