सोनभद्र। पदोन्नति, वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों को लेकर तीनों तहसीलों के लेखपालों ने मंगलवार को तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार किया। राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की। मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र सौंपा। मांगें पूर्ण न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
राबर्ट्सगंज तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि संगठन समस्यायों को लेकर कई बार आंदोलन कर चुका है। प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजा गया है। लेकिन शासन स्तर से मांगों को पूर्ण नहीं किया जा रहा है। लेखपाल पर दावित्व अधिक है उसे अपने विभाग के कार्यों के अतिरिक्त कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, विकास, शिक्षा समेत अन्य विभागों के कार्यों करता है। कहा कि उत्तराखंड के समान लेखपालों को राजस्व उपनिरीक्षक, शैक्षिक योग्यता स्नातक तथा प्रारंभिक ग्रेड पे 2800 किया जाना आवश्यक है। राजेंद्र प्रसाद टंडन, राजकुमार यादव, जटाशंकर मौर्य, अवधेश तिवारी, विष्णु दूबे, रामराज यादव, प्रशांत गुप्ता, चंदन शर्मा, साजिद खां आदि मौजूद रहे।
घोरावल: तहसील परिसर में लेखपालों ने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। तहसील अध्यक्ष राम आसरे ने कहा कि शासन उनकी मांगो पर समय रहते समुचित कार्यवाही नही करता है तो 26 जून से वे लोग आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाना बंद कर देंगे। इसके अलावा तीन जुलाई से पुन: धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। जिला उपाध्यक्ष बृजबिहारी मौर्या, योगेंद्र सिंह, रामनिवास, सरदार भगत सिंह, रामचरित्र, अरविंद चौबे, विनोद पाल, सरजू यादव, श्रीराम, अनूप आदि मौजूद रहे।
दुद्धी: तहसील में लेखपालों ने मांगों के समर्थन मेें मांगों को लेकर आवाज उठाया। अध्यक्ष राघवेंद्र दत्त वर्मा ने वेतन विसंगति, पेंशन विसंगति समेत अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग की। राघवेंद्र दत्त वर्मा, तेज प्रताप सिंह, अनिता, हृदेश, संतोष दूबे, अनिल मौर्या, राजकुमार मिश्रा, खरपत्तू आदि मौजूद रहे।