सोनभद्र। या देवी सर्वभूतेषु, प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: ... बीज मंत्र के साथ नवरात्रि के पहले दिन रविवार को मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन को भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने नारियल, चुनरी, लाल पुष्प, नैवेद्य आदि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। घरों में कलश स्थापित कर मां के नौ दिनी अनुष्ठान, दुर्गा सप्तशती पाठ की शुरुआत की गई। देर रात तक मां के आराधना, पूजन-अर्चन का क्रम चलता रहा।
चोपन इलाके के कुड़ारी स्थित शक्तिपीठ मां कुंडवासिनी धाम, शक्तिनगर स्थित शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला बना रहा। डाला स्थित मां वैष्णो धाम, अगोरी स्थित मां अष्टभुजा, मां वंशरा देवी, पहाड़ों वाली मइया अमिला, ओबरा स्थित मां शारदा मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, राबर्ट्सगंज स्थित मां शीतला मंदिर, चोपन, दुद्धी, रामगढ़ स्थित मां काली मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेक सुख-समृद्धि की कामना की। इसी तरह अन्य देवी मंदिर में भी सुबह से शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। प्रमुख देवी मंदिरों पर सुरक्षा के मद्देनजर कड़े बंदोबस्त बने रहे।
डाला : मां वैष्णो शक्तिपीठ धाम में पहले दिन ही हजारों भक्तों ने हाजिरी लगाई। कलश स्थापना के साथ पूजा-पाठ का क्रम शुरू हुआ। मां की मंगला आरती और श्रृंगार के बाद भोर में चार बजे ही दर्शन-पूजन के लिए पट खोल दिए गए। सुबह पांच से शाम सात बजे तक मां के विशेष प्रसाद चना-हलवा का वितरण किया गया। बताया गया कि सुबह चार बजे की मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। दोपहर एक बजे तक पट खुला रहेगा। इसके बाद मां की दोपहर आरती और श्रृंगार के लिए दोपहर एक से तीन बजे तक मंदिर बंद रहेगा। तीन बजे से लेकर रात नौ बजे तक मंदिर खुला रहेगा। शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर से लेकर गर्भगृह तक सीसी टीवी कैमरा लगाया गया है। डिटेक्टर मशीन से भी यहां आने वालों की जांच की जा रही है। भक्तों के नाम का अखंड दीप जलाने की भी व्यवस्था की गई है।
दुद्धी: नगर स्थित मां काली मंदिर, विष्णु मंदिर, संकटमोचन मंदिर, पंचदेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सु बह से ही पूजन-अर्चन के लिए भीड़ लगी रही। भक्तों ने पूजन-अर्चन कर नारियल, प्रसाद ,चुनरी, फूल आदि चढ़ाया और मां से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
चोपन: चैत नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की। तमाम भक्तों ने अपने घरों में विधि-विधान से कलश स्थापना करके नौ दिनों तक लगातार उपवास रखने का संकल्प लिया। काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, नर्वदेश्वर महादेव मंदिर, परंबा शक्तिपीठ धाम, कुंडवासनी (कुराड़ी) मंदिर, बंसरा देवी, कैलाश मंदिर पर भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों की आकर्षक सजावट देखते ही बनी।
ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार वासंतिक नवरात्र के पहले दिन रविवार को नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की मंदिरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में पहले रूप मां शैलपुत्री देवी की पूजा की गई। नवरात्र पर्व को लेकर नगर के सभी मंदिर मां शीतला माता मंदिर, संकटमोचन मंदिर सेक्टर दो, हनुमान मंदिर, राधेकृष्ण मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वहीं मां शारदा मंदिर में प्रात:काल से ही भक्त हाथों में पुष्प, धूप, फल आदि की थाली सजाकर माता के पूजन अर्चन में कतारबद्ध हो गए। मंदिरों सहित लोगों ने घरों में कलश स्थापना कराई।