सोनभद्र। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे चोपन ब्लॉक के कुड़ारी और सदर ब्लॉक के सलखन ग्राम पंचायत में लोगों को शुद्घ पेयजल की आपूर्ति के लिए विश्व बैंक की सहायता से नीर निर्मल परियोजना शुरू की जाएगी। इसको लेकर जल निगम ने इस्टीमेट तैयार कर लिया है। उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। अधिशासी अभियंता अभाव शाखा फणींद्र राय के मुताबिक शासन से बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जिले में प्रदूषण के चलते लोगों को शुद्घ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोग जल जनित रोगों के शिकार हो रहे हैं। फ्लोराइड की अधिकता से कई गांवों के लोग फ्लोरोसिस बीमारी से पीड़ित हैं। पहाड़ी इलाकों के लोगों को पेयजल के संकट से भी जूझना पड़ता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नदियां, बांध नहीं हैं, उन क्षेत्रों में पानी का संकट फरवरी माह से ही शुरू हो जाता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सदर ब्लॉक के सलखन और चोपन ब्लॉक के अति दूरस्थ गांव कुड़ारी में भी पानी का गंभीर संकट है। हालांकि कुड़ारी से होकर सोन नदी गुजरी है, लेकिन शुद्घ पानी लोगों को नहीं मिल पाता है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर जल निगम की अभाव शाखा ने दोनों जगहों पर पानी की टंकी बनाकर पाइप लाइन के जरिये शुद्घ पेयजल की आपूर्ति का प्लान तैयार किया है। इसके तहत विभाग ने कई करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की है। साथ ही उसका स्टीमेट भी शासन को स्वीकृति के लिए भेजा है।
जल निगम अभाव शाखा के अधिशासी अभियंता फणींद्र राय ने बताया कि विश्व बैंक सहायतित नीर निर्मल परियोजना के तहत कुड़ारी और सलखन में शुद्घ पानी की आपूर्ति के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही शासन से बजट मिल जायेगा और परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।