सोनभद्र (वैनी)। नगवां ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित सरकारी बीज गोदाम पर घटिया पुराना सड़ा चना का बीज शुक्रवार को किसानों ने लेने से इंकार कर दिया और गोदाम के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि इस बीज के बोने से खेत की जुताई-कोड़ाई और सिंचाई की लागत भी नहीं लौटेगी।
बता दें कि प्रदर्शन योजना(डीबीटी) के तहत दो हेक्टेयर वाले किसानों को डेढ़ कुंतल चना का बीज मिलेगा। यह बीज 9300 रुपये प्रति कुंतल की लागत से दिया जा रहा है। हालांकि डीबीटी योजना के तहत पहले इसका पूरा दाम लिया जाएगा, बाद में किसान के खाते में पूरा पैसा भेज दिया जाएगा। बावजूद इसके किसान ऐसे बीज को लेने से इंकार कर रहे हैं। किसानों विमलेश गुप्ता और राजू जायसवाल का कहना है कि पुराना, सड़ा हुआ चना का बीज लेने से क्या फायदा है। जब इस बीज को बोने के बाद खेत की जुताई, कोड़ाई और सिंचाई की लागत भी नहीं लौटेगी। शिवधन भारती और गोविंद का कहना है कि सिंचाई का साधन नहीं है, इसकी वजह से सड़ा हुआ एवं पुराना बीज लेकर बोने की हिम्मत नहीं हो रही है। कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि बीज बोने पर उगे ही, ऐसे में समूची फसल की पैदावार प्रभावित होगी। इस संबंध में बीज गोदाम प्रभारी तारा शंकर का कहना है कि बीज पुराना आया है, इसकी वजह से किसान नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में दिनेश, भगवान दास, लवकुश, रामअवध आदि शामिल रहे।