अनपरा/ ओबरा (सोनभद्र)। निजी घरानों से महंगी बिजली खरीद के करारों को रद्द करने के फैसले का इंजीनियरों ने स्वागत किया है। आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे, उप्रराविप अभियंता संघ के अध्यक्ष जीके मिश्र, महासचिव राजीव सिंह, ओबरा के क्षेत्रीय सचिव अदालत वर्मा तथा अनपरा के क्षेत्रीय सचिव आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि बजाज एनर्जी के 90-90 मेगावाट के पांच बिजली घरों से रुपये 7.22 प्रति यूनिट की दर से वर्ष 2017-18 में 1773 करोड़ रुपये की बिजली खरीदने का प्रस्ताव था, जिसे निरस्त कर प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय कार्य किया है।
कहा कि बिजली उत्पादन लागत के गलत आंकड़े देकर सरकारी क्षेत्र के पनकी, हरदुआगंज, पारीछा या किसी अन्य बिजली घर को बंद करने की कोशिश की गई तो इसका प्रबल विरोध किया जाएगा। कहा कि वर्ष 2017-18 में लगभग 128908 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी जानी है, जिसमें निजी घरानों से 57580 मेगावाट यूनिट बिजली 25457 करोड़ रुपये में खरीदने का प्रस्ताव है। इसका औसत रुपये 4.42 प्रति यूनिट आता है, जबकि शेष 71328 मेगावाट बिजली मुख्यतया सरकारी क्षेत्र से 27462 करोड़ रुपये में खरीदी जाएगी, जिसका औसत रुपये 3.85 प्रति यूनिट आता है, जो निजी क्षेत्र की तुलना में काफी कम है। (ब्यूरो)