कोयला संकट से जूझ रही अनपरा परियोजना ने मंगलवार और बुधवार को 2255 मेगावाट बिजली पैदा कर प्रदेश को बड़ी राहत दी। इससे स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को जहां दशहरा पर भरपूर बिजली देने में आसानी हुई, वहीं परियोजना में अब तक के सर्वाधिक उत्पादन का रिकार्ड भी बन गया। हालांकि दोपहर बाद तीन बजे के करीब परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली छठीं (अनपरा डी की पहली) इकाई ब्वालयर ट्यूब लीकेज के चलते ट्रिप कर गई। इससे परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर 18 सौ मेगावाट के इर्द-गिर्द आ गया। अब दो दिन बाद छठीं इकाई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। उधर, अनुरक्षण पर चल रही 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई को भी उत्पादन पर लाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
कोयला संकट से जूझ रही अनपरा परियोजना में अब जाकर रोजाना कोयला की आपूर्ति 34 से 35 हजार एमटी के करीब पहुंचने लगी है। परियोजना के उत्पादन पर इसका असर भी देखने को मिला और मंगलवार दोपहर से लेकर बुधवार दोपहर बाद तक उत्पादन पर चल रही परियोजना की सात में छह इकाइयों से 22 सौ से 23 सौ मेगावाट के बीच उत्पादन बनाए रखकर परियोजना ने प्रदेश को भरपूर बिजली देने के साथ ही, अब तक का सर्वाधिक उत्पादन कर डाला। उत्पादन 23 सौ के पार ले जाने की कोशिश हो रही थी, तभी छठीं इकाई ट्रिप कर गई।
इस बाबत सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि कोयला आपूर्ति धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी है। इकाइयों से बेहतर उत्पादन भी शुरू हो गया है। ट्यूब लीकेज के चलते छठीं इकाई ट्रिप कर गई। दो तीन दिन में इसे फिर से उत्पादन पर ले लिया जाएगा। बता दें कि राज्य सेक्टर के परियोजनाओं की कुल क्षमता 5933 है, जिसमें अनपरा की अकेले 2630 मेगावाट है।