सोनभद्र। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की तरफ से आकांक्षी जनपद सोनभद्र में 66 हजार (महिलााओं) परिवारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन की तरफ से जिले में 30 जून तक ग्राम संतृप्तिकरण अभियान चलाकर महिलाओं को समूह से जोड़ा जाएगा। महिलाओं को न सिर्फ प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि आर्थिक सहायता प्रदान करके उन्हे स्वरोजगार करने लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे महिलाओं का आर्थिक विकास हो सकेगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजनान्तर्गत आकांक्षी जिला सोनभद्र में कुल 12410 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिसमें 10259 समूहों को रिवाल्विंग फंड दिया गया है। इससे कुल 133130 परिवार लाभान्वित हुए हैं। अब एनआरएलएम की तरफ से ग्राम संतृप्तिकरण अभियान चलाकर समूहों के गठन से गांवों को संतृप्त किया जा रहा है। एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि ने बताया कि 30 जून तक जिले में ग्राम संतृप्तिकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य समूह गठन की प्रक्रिया से जिला को संतृप्त किया जाना है। बताया कि 3226 समूह बनाकर 44 हजार परिवार की महिलाओं को जोड़ा जाना है। इसके अलावा 22 हजार महिलाओं को पुराने समूहों में जोड़ा जाना है। जिले में ग्राम संतृप्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 20 हजार महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा चुका है। समूह से जोड़कर ऐसी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान किया जाएगा। ताकि महिलाएं स्वरोजगार करके अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकें। समूह से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
जिले में 30 जून तक ग्राम संतृप्तिकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 66 हजार महिलाओं को समूहों से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान करके महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
- एमजी रवि, जिला प्रबंधक- एनआरएलएम सोनभद्र।