सोनभद्र। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से जिले में 95 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन, बैंक आफ बड़ौदा स्टाफ एसोसिएशन सहित अन्य बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बैंकों के निजीकरण के हो रहे प्रयास के खिलाफ आवाज बुलंद की। एसबीआई की शाखाओं को छोड़ शेष सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शाखाओं में ताले लटकते रहे। हड़ताली बैंक कर्मियों द्वारा कुछ देर के लिए निजी बैंकों में भी कामकाज ठप रखा गया। हड़ताल के चलते खुले बैंकों में भी अन्य दिनों के मुकाबले खाताधारकों की ढपस्थिति कम दिखी। वहीं जरूरी कामकाज से बैंक पहुंचे तमाम लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सुबह दस बजते ही हड़ताली बैंक कर्मियों ने अपने-अपने बैंक शाखाओं में तालाबंदी की। इसके बाद प्रदर्शन कर आवाज उठाई। प्रमोद कुमार द्विवेदी, बीके चौबे, अनिल, प्रमोद द्विवेदी, शीतला दुबे, धर्मेंद्र, अमित, अजीत, प्रदीप, दिनेशलाल, पारसनाथ, प्रिया, रामनारायण, पारसनाथ राय, शिवचंद, महेश मौर्या, सतेंद्र मौर्या आदि का कहना था कि सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों और मजदूर विरोधी नीतियों से क्षुब्ध होकर हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है। कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी शेयर पूंजी घटाने, आईडीबीआई बैंक में शेयर 51 प्रतिशत से कम करने, बैंकों के निजीकरण के प्रयास में जुटी हुई है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया कि नौ जनवरी को भी हड़ताल बनी रहेगी। इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर संजीदगी नहीं दिखी तो और भी व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।