सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के पुसौली गांव में स्थित पूर्ववासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति (बाल गृह बालिका) के कार्यकर्ताओं को नौ माह से मानदेय ही नहीं मिला है। देवरिया कांड के बाद इस समिति का पिछले दिनों निरीक्षण करने पहुंचे डीएम अमित कुमार सिंह ने संबंधितों को कौशल विकास योजना से बालिकाओं को प्रशिक्षण दिए जाने का आदेश भी दिया था। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुसौली गांव में किराए के मकान में वर्ष 2010 से पूर्ववासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति संचालित हो रही है। वर्ष 2015 में समिति का पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण कराया गया है। समिति की अधीक्षिका नीलम सिंह, काउंसलर वीणा सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी कृपादव, केयर टेकेर रागुफ्ता और सुमित्रा की देखरेख में 12 बालिकाएं रह रही है। समिति के प्रवेश द्वार पर दो सीसी टीवी कैमरे लगाए गए है। रात में एक महिला आरडी जवान तैनात रहती है। समिति द्वारा बालिकाओं को सिलाई, कढ़ाई, मिट्टी की प्रतिमाएं आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। सात अगस्त को समिति का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने सीडीओ को कौशल विकास योजना से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाने की बात कहीं थी। लेकिन अभी तक प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। उधर, सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने कहा कौशल विकास योजना से जुड़े लोगों को प्रथम पाली में ब्यूटीशियन और द्वितीय पाली में सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। समिति की अधीक्षिका नीलम सिंह ने कहा कि दस अगस्त को डॉ. अंजनी दूबे की अगुवाई में टीम ने बालिकाओं को स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाई दी। नौ माह से उन लोगों को मानदेय नहीं मिला है। जिला प्रशासन से सुरक्षा के मद्देनजर दो महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने की मांग की गई है।