सोनभद्र। संत कीनाराम पब्लिक स्कूल लोढ़ी में बुधवार को महाराणा प्रताप जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। मुख्य अतिथि एएसपी डा. अवधेश सिंह ने महाराणा प्रताप, बाबा कीनाराम, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कहा कि महाराणा प्रताप अपने धर्म और देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व बलिदान करने वाले महान सेनानी थे। उनकी जन्मभूमि स्वतंत्रता के संघर्ष की प्रतीक है। उन्होंने अपनी संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए वन-वन भटकना तो स्वीकार किया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। डा. गोपाल सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहासकारों के ऐसे महानायक है जिनकी विशेषताओं पर भारतीय इतिहासकारों के साथ पाश्चात्य लेखकों और कवियों ने भी लेखनी चलाई है। उन्होंने अपना सब कुछ न्यौछावर कर स्वतंत्रता की ऐसी जीती जागती मशाल जलाई जो अभी भी लोगों के अंतर्मन में प्रज्ज्वलित है। प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामलखन सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हर किसी के लिए अनुकरणीय है। इस अवसर पर पीआरओ गोपाल सिंह, अंकित सिंह, शीतला सिह, शमशेरबहादुर सिंह, इंद्रसेन सिंह, सोनू सिंह, अनुराग सिंह चंदेल, रामप्रवेश मौर्या, मनोज श्रीवास्तव, विनय मिश्रा, हरीश सिंह, योगेश सिंह, सरोज कुमार सिंह आदि उपस्थित थे। वहीं राबर्ट्सगंज में बुधवार को अखिल भारतीय युवा क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। पूर्व जिलाध्यक्ष सोनेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि को बचाने के लिए हल्दी घाटी में युद्ध किया। प्रतीक सिंह, इंद्रसेन सिंह, गौरव सिंह, दिनेश सिंह, सूर्य प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।