सोनभद्र। केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण कार्यक्रम के तहत ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबंधन के तहत गोबर-धन योजना शुरू की है। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जाएगा, जिसके लिए एक गांव को चयनित कर योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को 15 मार्च तक गांव का नाम मिशन निदेशक को भेजना है। गांव चयन के लिए मानक भी निर्धारित किये गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन केे तहत गांवों को खुले में शौचमुक्त किया जा रहा है। हर गांव में निगरानी समितियों का गठन कर लोगों को खुले में शौच न करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ताकि गांवों में गांवों से गंदगी दूर कर लोगों को बीमारियों से निजात दिलाई जा सके। इसको लेकर केंद्र सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गोबर-धन योजना शुरू की हैै। प्रत्येक जिले में एक ग्राम पंचायत को चुनकर उसमें गोबर का निस्तारण, उससे खाद और बायो गैस तैयार करना तथा राजस्व की प्राप्ति करना लक्ष्य है। सोनभद्र में भी योजना के तहत एक ग्राम पंचायत चुना जाना है। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन आकाश दीप ने इस आशय का पत्र भेजा है और 15 मार्च तक गांव का चयन कर सूचना मिशन कार्यालय में भेजने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसे ग्राम पंचायत का चयन किया जाना है जिसमें करीब 30 से 40 प्रतिशत जनसंख्या पशुओं की संख्या से आच्छादित हो, जिससे पर्याप्त मात्रा में गोबर के रूप में अपशिष्ट सुलभ हो। ग्राम पंचायत में कम से कम 150 परिवार हों और सशक्त समूह प्राथमिकता के तौर पर महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि सभी एडीओ पंचायतों को ऐसे गांव का चयन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मिली सूची से एक ग्राम पंचायत का चयन किया जा सके।
इनसेट:
जिलेे में कुल सात लाख एक हजार 107 पशु हैं। इसमें से चार लाख 75 हजार 893 गाय और दो लाख 25 हजार 214 भैंस हैं। इससे करीब 3500 कुंतल गोबर प्रतिदिन मिलता है।
राजकरन गुप्ता, अपर सांख्यिकी अधिकारी, पशु पालन विभाग।