सोनभद्र (शक्तिनगर)। भारत सरकार के कोयला सचिव सुशील कुमार ने शनिवार को खड़िया में नवनिर्मित कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) विस्तार फेज को राष्ट्र को समर्पित किया। नये सीएचपी की वार्षिक कोयला प्रेषण क्षमता छह मिलियन टन है और इससे माइनस 100 एमएम साइज में कोयले की क्रसिंग होगी, जो कोयले की गुणवत्ता के लिए निर्धारित आकार है।
शनिवार को केंद्रीय सचिव ने जयंत कोयला क्षेत्र का निरीक्षण किया और कंपनी के मेगा कोयला क्षेत्र जयंत के कामकाज एवं उसकी विस्तार योजनाओं पर तफसील से जानकारी ली। बताया गया कि नये सीएचपी के जुड़ने के साथ ही खड़िया क्षेत्र के सीएचपी की कुल वार्षिक क्षमता बढ़कर 10 मिलियन टन हो गई है। सचिव ने अगले वित्त वर्ष में 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 105 मिलियन टन कोयला प्रेषण करने की जानकारी दी। सीएमडी पीके सिन्हा ने कहा कि खड़िया एनसीएल का ड्रीम प्रोजेक्ट है और आने वाले समय में यह एनसीएल के मेगा प्रोजेक्ट के रूप में अपनी जगह स्थापित करेगा। नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के दौरे पर शुक्रवार की देर शाम पहुंचे केंद्रीय कोयला सचिव ने एनसीएल के आला अधिकारियों के साथ कंपनी के कोयला उत्पादन एवं उत्पादकता से जुड़े विषयों पर समीक्षा बैठक की। इस मौके पर निदेशक (कार्मिक) शांतिलता साहू, निदेशक (तकनीकी, संचालन) गुणाधर पांडेय, निदेशक (वित्त) पीएसआरके शास्त्री, निदेशक (तकनीकी परियोजना एवं योजना) पीएम प्रसाद, कंपनी के सभी कोयला क्षेत्रों के महाप्रबंधक तथा एनसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
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