यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में गड़बड़ी के विपक्ष के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश सरकार ने उन जिलों की जांच कराने का निर्णय लिया है जिनके खिलाफ शिकायतें आईं हैं। विधान परिषद में नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने यह आश्वासन सदन को दिया। उन्होंने कहा कि सदन के सदस्यों ने जिन जिलों में केंद्र निर्धारण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है उन सभी की जांच अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा से कराई जाएगी। दरअसल सपा सदस्यों ने डीआइओएस पर पैसे लेकर परीक्षा केंद्र बनाने के आरोप लगाए थे।
इस विषय पर सपा चर्चा कराने की मांग कर रही थी। सपा सदस्य रामसुंदर दास एवं संजय कुमार मिश्र ने कहा शिक्षा माफिया वित्त विहीन कॉलेजों के प्रबंधकों को कहा जाता है, जबकि असली माफिया तो डीआईओएस हैं। प्रदेश में पैसे लेकर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मानक पूरे न करने वाले स्कूलों को केंद्र बना दिया। अहमद हसन ने भी इस मसले की जांच कराने की मांग की। इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि स्कूलों में नकल के रेट तय होते हैं। इसे बंद करने के लिए नियमावली बनाई गई। डीएम की अध्यक्षता में बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए कमेटी बनाई गई। यदि डीएम, एडीएम, एसडीएम एवं डीआइओएस सभी गलत हैं तो फिर व्यवस्था कौन चलाएगा।