सोनभद्र। जिले के नक्सल-दुरूह क्षेत्रों के कई स्कूलों में छात्र-छात्राओं की फर्जी हाजिरी लगाकर मिड डे मील के सरकारी धन को हजम करने की शिकायत की जांच शुरू हो गई है। डीएम ने आठों ब्लॉक के दस-दस स्कूलों का मिड डे मील एवं बच्चों की उपस्थिति पंजिका को तलब किया है।
मिड डे मील योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मुफ्त में भोजन देने की व्यवस्था है। वर्ष 2017-18 में जिले के 1804 प्राथमिक विद्यालयों में 178100 और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 67589 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। लेकिन प्रतिदिन करीब 65-75 प्रतिशत बच्चे हीं स्कूल जाते हैं। पिछले दिनों डीएम से कुछ लोगों ने शिकायत किया कि मीनू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है। कई स्कूलों में तो बच्चें न के बराबर जाते हैं, लेकिन रजिस्टर स्कूल न जाने वाले बच्चों का भी उपस्थिति दिखाकर भोजन देने के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाट कर लिया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच शुरू करा दी है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि बीएसए को राबर्ट्सगंज घोरावल, चतरा, नगवां, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी और चोपन ब्लॉक की दस-दस स्कूलों की मिड डे मील और उपस्थित पंजिका को लेकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। रजिस्टरों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।