सोनभद्र। स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम (ग्रामीण) के तहत शौचालयों के निर्माण में रूचि न लेने वाले ग्राम प्रधानों का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज होगा। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने इसको कार्रवाई में लाना शुरू कर दिया हैै। गुरुवार को उन्होंने 54 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया है। चेताया है कि यदि 15 दिन के अंदर धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग कर शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ तो उनकी ग्राम पंचायतों में तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति गठित कर दी जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत गांवों में शौचालयों के निर्माण के साथ ही गांवों को खुले में शौचमुक्त करने का अभियान चल रहा है। इसके लिए पंचायत राज विभाग की देखरेख में गांवों में निगरानी समितियां काम कर रही हैं। लेकिन शौचालयों का निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है। तमाम ग्राम पंचायतों में 12 लाख रुपये से ऊपर धनराशि बकाया है। पिछले कई दिनों से शौचालयों के निर्माण की समीक्षा कर रहे डीपीआरओ ने धन अवशेष होने के बावजूद शौचालयों के निर्माण में सुस्ती बरतने पर 54 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया है। इसमें राबर्ट्सगंज ब्लॉक के देवरी, बड़गांव, कम्हारी, महुआरी, ओरगाई, लसड़ा, ओड़ौली, बनौरा द्वितीय, मधुपुर, डेहरी कला, मानपुर, रैपुरा, अमौली, म्योरपुर ब्लॉक का कुलडोमरी, बभनी ब्लॉक के बैना, भंवर, चौना, बभनी, नगवां ब्लॉक का चरगड़ा, मड़पा, सिकरवार, दरेंव, चोपन ब्लॉक का चोपन, कनछ, घोरिया, बरवाखाड़, चाचीकला, खरौंधी गांव शामिल है। इसी तरह चतरा ब्लॉक का गिरिया, सोढ़ा, लेड़ुआ, नेवारी, बनौली, पन्नूगंज और घोरावल ब्लॉक के डोमखरी, सरवट, सिद्घी, महांव, बैजनाथ, जुड़ौली कोलानी, मरसड़ा, जुड़िया, खटौली, भरौली और कोहरथा शामिल हैं। डीपीआरओ आरके भारती ने चेताया है कि यदि 15 दिन के अंदर शौचालय निर्माण की धनराशि का शत प्रतिशत उपभोग नहीं किया जाता है तो ग्राम पंचायत के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति गठित करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।