सोनभद्र। बिजली का बिल जमा करने के लिए अब उपभोक्ताओं को दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। शासन ने जिले में बिजली उपभोक्ताओं के यहां बकाया करीब 531 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिए एम शॉफ्ट कंपनी को नामित कर दिया है। एक सितंबर से कंपनी की लगभग 30 टीमें घर-घर जाकर बिलिंग करने के साथ ही बकाया बिल जमा कराएगी। इसके अलावा दो मोबाइल कैश वैन भी गांवों में जाकर बिलों की वसूली करेंगी।
बकाया बिल जमा कराने के लिए बिजली विभाग अभियान चला रहा है। बावजूद इसके बकाया कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा। ग्रामीण इलाकों में समय से अधिकांश उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिल रहा है। इस वजह से बिल जमा नहीं हो पा रहा है।राबर्ट्र्सगंज और पिपरी विद्युत वितरण खंड में एक लाख से अधिक के बकाएदारों के यहां करीब 441 करोड़ और एक लाख के कम के बकायदारों के यहां 85 से 90 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सरकारी विभाग शामिल नहीं है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता सुबाष यादव ने बताया कि एक सितंबर से शासन से बकाया वसूलने के लिए नामित कार्यदायी संस्था एम शॉफ्ट कंपनी की करीब तीन टीमें काम करने लगेंगी। कहा कि प्रत्येक टीम में दो से तीन सदस्य रहेंगे। कहा कि बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी बकाया जमा करने में रूचि नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप करने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि बकाया विद्युत बिलों की वसूली के लिए सरकार की ओर से जनपद के दो मोबाइल कैश वैन गांवों में जाकर लोगों से विद्युत बिलों की वसूली करने का कार्य कर रही है। इन वैनों पर एक माइक लगा है जो लोगों को बताता है कि गांव में कहां पर पहुंचकर उन्हें अपने बकाए का भुगतान करना है।