गर्भवती महिलाओं के लिए खुशखबरी है। जिले के प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त में ऑपरेशन से प्रसव कराया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन से प्रसव कराने में सक्षम अस्पतालों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों को ऑपरेशन में आने वाले खर्च का भुगतान किया जाएगा।
झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश बार्डर को स्पर्श करने वाले अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र की जच्चा-बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में पूर्व की सपा सरकार ने करीब 46 करोड़ की लागत से सौ बेड का मातृ एवं शिशु चिकित्सालय की सौगात दी थी। वर्ष 2016 में अस्पताल की भवन बनकर तैयार है। सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद योगी सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को देखते हुए हेरिटेज मेडिकल कालेज वाराणसी को कांटेक्ट पर जच्चा-बच्चा अस्पताल चालू करने के लिए मंजूरी दे दी है। ताकि जच्चा-बच्चा को बेहतर उपचार हो सकें। लेकिन किन्हीं कारणों से अभी तक हेरिटेज मेडिकल कालेज मातृ एवं शिशु अस्पताल चालू नहीं कर सका है। इस वजह से जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी से गंभीर गर्भवती रोगियों को बीएचयू वाराणसी या मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर रेफर करना पड़ रहा। जिले के बाहर ले जाने में खुद को असमर्थ महसूस करने वाले निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए ले जा रहे हैं। यहां पर रोगियों से मनमाना वसूला जा रहा। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों में नि:शुल्क गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन एवं दवा कराने की तैयारी में जुटा है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत जिले के ऐसे प्राइवेट अस्पतालों के साथ अनुबंध करने की प्रक्रिया चल रही है, जो जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बचा सकें। कहा कि ऑपरेशन और दवा में आने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी। कहा कि जल्द ही अस्पतालों का चयन कर लिया जाएगा।