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Sonebhadra News: जिले में बनेगा 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक

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गंभीर मरीजों के लिए जल्द ही जिले में क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना होगी। पचास बेड के इस ब्लाक में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में मरीजों को रखा जाएगा। अभी तक ऐसे मरीज वाराणसी रेफर किए जाते थे। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इस ब्लाक के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता ने सीएमएस को पत्र भेजकर जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जमीन चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
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केंद्र और प्रदेश सरकार ने भविष्य में महामारी एवं छूआछूत जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार के लिए जिला अस्पताल परिसर या आसपास 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लाक के निर्माण का निर्णय लिया है। जिला स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लाक के निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना व डेंगू जैसी महामारी से निपटने के लिए शासन स्तर से यह व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राकेश त्रिपाठी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को इस ब्लाक की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है। पचास बेड युक्त क्रिटिकल केयर ब्लाक के निर्माण के लिए लगभग 3500 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। उन्होंने जनपद के चिकित्सालय में इसी के अनुसार उपलब्ध भूमि का विवरण ले-आउट प्लान सहित सूचना शीघ्र महानिदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा है। इस क्रम में विभाग ने कार्य करना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल परिसर और आसपास जमीन को चिन्हित किया जाने लगा है।
डॉक्टरों की कमी दूर करना चुनौती
मरीजों की सुविधा के लिए क्रिटिकल केयर ब्लाक के संचालन में सबसे बड़ी समस्या डॉक्टरों की कमी। कई विभागों में विशेषज्ञों के पद खाली हैं। जहां तैनाती भी है तो वह कार्यबोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में इस ब्लाक के संचालन के चुनौती कम नहीं है। फिलहाल जगह चिह्नित करने पर विभाग का जोर है। अधिकारियों का कहना है कि ब्लाक का निर्माण होने तक मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो जाएगा। इससे समस्या हल करने में सहूलियत होगी।
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जिले में बनने वाले 50 बेड के क्रिटिकल केयर अस्पताल में नॉर्मल मरीजों का उपचार और ओपीडी नहीं होगी। इसमें केवल महामारी (कोरोना, डेंगू, मलेरिया) और छूआछूत के अतिरिक्त गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का ही उपचार होगा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। - डॉ. सीएपी सिन्हा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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