ओबरा। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन की ओर से रविवार को कम लागत एवं बेहतर विद्युत उत्पादन, सुरक्षा व श्रम कानून का पालन विषय पर हुए सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें ओबरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. सीपी मिश्रा ने कहा कि परियोजना में सुरक्षा की स्थिति से उन्हें पीड़ा होती है। लेकिन वे जल्द ही हेलमेट सहित अन्य सुरक्षा सामानों की व्यवस्था कराएंगे। उन्होंने मजदूरों की मजदूरी का भुगतान तय समय और चेक से हो इसके लिए सेमीनार में मौजूद वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी को निर्देशित किया।
बताया कि संविदाकारों का करीब 47 करोड़ का बकाया है, जिसका परियोजना पर असर पड़ रहा है। जब तक बायोमेट्रिक की व्यवस्था नहीं है तब तक मैनुअल हाजिरी जरूर होनी चाहिए। सबका साथ और सबका हाथ होगा तभी स्थिति बदलेगी। कार्मिक अधिकारी अमन अग्रवाल ने कहा कि संविदा श्रमिकों में जागरूकता की कमी है। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने कहा कि अब उत्पादन निगम को पूरी तरह व्यवसायिक होने की जरूरत है। आज जब सस्ती बिजली पैदा करने की प्रतिस्पर्धा है तो ऐसे में इकाइयों के संचालन का खर्च कम रहना आवश्यक है। बताया कि सभी इकाइयों के ईएसपी के मानक रूप से सक्षम रहना आवश्यक है। इकाइयों के वार्षिक अनुरक्षण आवश्यक है। प्रोटेक्शन सिस्टम को मजबूत करना होगा। अधिकारी एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव मनीष मिश्रा ने कहा कि तकनीकी के प्रयोग से संविदा श्रमिकों का भला हो सकता है। उन्होंने मशीनों की दिक्कत, कार्यस्थल की सफाई, फंड और प्रबंधन के साथ शिक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डाला। विद्युत प्रौद्योगिकी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि कुशल सेफ्टी आफिसर की नियुक्ति के साथ ओवर टाइम दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम को संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी विश्वकर्मा, बिजली कर्मचारी संघ के योगेंद्र प्रसाद, आरपी त्रिपाठी, राधामोहन प्रजापति, धुरंधर शर्मा, उमेशचंद ने संबोधित किया। सेमिनार की अध्यक्षता लालचंद एवं संचालन कार्यक्रम संयोजक हरदेव नारायण तिवारी ने किया। इसके पूर्व रविवार की सुबह वीआईपी रोड स्थित हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन कार्यालय का साहित्यकार अजय शेखर ने उद्घाटन हुआ। यहां वरिष्ठ कार्यवाहक अध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी, शमीम अख्तर खां, बृजेश तिवारी, सतीश कुमार, आफताब खां, आरके शर्मा, मुन्ना खां आदि मौजूद रहे।