अनपरा। पहाड़ों में लगातार हो रही बर्फबारी से उत्तर भारत पूरी तरह से शीत लहर की चपेट में है। वहीं ऊर्जांचल में भी शीत लहर का प्रभाव होने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड को देखते हुए शासन एवं जिलाधिकारी द्वारा अलाव जलाने का फरमान दिया गया था, लेकिन आदेश के बाद भी ऊर्जांचल में अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है।
ऊर्जांचल के विभिन्न चट्टी-चौराहों में शामिल काशीमोड़, औड़ीमोड़, अनपरा बाजार, अनपरा मोड़, रेनूसागर मोड़, बीना, खड़िया व शक्तिनगर शामिल है। जहां सैकड़ों की संख्या में लोग किसी न किसी काम से पहुंचते है, लेकिन सायं के बाद बढ़ी हुई ठण्ड से लोग ठिठुरने को मजबूर है। जनेश्वर दुबे, बालगोविंद दुबे, फारूख अंसारी, संजय सेठ ने बताया कि जिन चौराहों पर गर्मी के दिनों में रात 10 बजे के बाद तक रौनक बनी रहती थी, वहां ठंड के कारण 7 बजे के बाद सन्नाटा छा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष इन चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार शासनादेश के बाद भी अलाव के लिए पहल नहीं की गयी। जिससे राहगीरों के साथ-साथ चौराहों पर ठेला, गुमटी में व्यवसाय करने वाले लोग भी ठंड से कांप रहे है। लोगों ने जिलाधिकारी को ध्यान आकृष्ट कराते हुए अलाव जलाने की मांग की है।