घोरावल। वाणिज्यकर विभाग की एसआईबी टीम ने मंगलवार को दोपहर बाद नगर के बर्तन व्यवसायी के यहां जांच की। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह के नेतृत्व में एसआईबी की टीम पांच यूनिटों के साथ नगर में आई। टीम सतर्कता बरतते हुए चांदी वाला मोड़ के पास अपने वाहनों को खड़ा कर करीब 50 मीटर दूर मुक्खा मोड़ के पास स्थित एक बर्तन की दुकान पर जा धमकी। मंगलवार बंदी के नाते दुकान का बड़ा शटर गिरा हुआ था और छोटा शटर खुला था। उसी शटर में टीम के दर्जन भर सदस्य दुकान में प्रवेश कर गए। टीम ने पहले दुकान की जांच पड़ताल की और इसके बाद व्यवसायी के छह गोदामों में पहुंचे। अधिकारियों ने दुकान व गोदाम में रखे स्टाक की जानकारी ली। जांच में बर्तनों के स्टाक व कागजातों में अंतर मिला। टीम का नेतृत्व कर रहे ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि मां सरस्वती बर्तन सेंटर के छह गोदामों और दुकान की जांच की गई। फर्म के स्वामी के पेश किए गए कागजातों और बर्तनों के स्टाक का मिलान करने पर बड़े पैमाने पर अंतर मिला। करीब 40 से 50 लाख रुपये अघोषित बर्तनों का स्टॉक मिला। फर्म स्वामी उसका कोई कागजात नही दिखा पाए। एसआईबी टीम ने फर्म पर 19.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें नौ लाख साठ हजार रुपये टैक्स चोरी है और नौ लाख 60 हजार अर्थदंड शामिल है। फर्म के स्वामी ने पांच लाख रुपये मौके पर ही जमा कर दिया। शेष राशि के लिए दो दिन का समय देते हुए सम्मन जारी किया गया है। एसआईबी टीम में डिप्टी कमिश्नर अखिलेश सिंह, विनोद कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर रविंद्र सिंह, अखिलेश मिश्रा, सिद्धार्थ सिंह शामिल रहे।