सोनभद्र। जिले में बेपटरी हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी प लाने के लिए 60 उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं आयुष केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मंजूरी मिल गई है। प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग ने 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। यहां तैनात होने वाले वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए उनका चयन कर लिया गया है। कबीर चौरा वाराणसी एवं केजीएमयू लखनऊ में 20 जून से चयनित स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 33 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 182 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। सीएचसी, पीएचसी और अतिरिक्त पीएचसी पर डॉक्टर के 139 स्वीकृत पद हैं लेकिन उपलब्ध 118 हैं। इनमें से नियमित कार्यरत सिर्फ 78 ही डॉक्टर हैं। नौ डॉक्टर अनुपस्थित चल रहे है तो चार त्यागपत्र दे चुके है ंऔर 17 पीजी कोर्स करने के लिए गए हैं। ऐसे में जन-जन का समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। लोगों को कई किमी दूरी तय कर सीएचसी और पीएचसी जाना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं आयुष केंद्र के रूप में विकसित करते हुए वहां पर प्रशिक्षण युक्त स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। ताकि उप स्वास्थ्य केंद्रों पर भी रोगियों का प्राथमिक उपचार किया जा सके। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि फिलहाल शासन ने 182 उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 60 उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं आयुष केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हरी झंडी दी है। कहा कि प्रथम चरण में आठों ब्लॉक के 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं आयुष केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां तैनात होने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को 20 जून से कबीर चौरा वाराणसी एवं केजीएमयू लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा।