सिंगरौली। औचक जांच में अनुपस्थित मिली आधा दर्जन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करते हुए डीएम ने 12 शिक्षकों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से जिले के सरकारी महकमे में खलबली मच गई है।
नीति आयोग द्वारा देश के अति पिछड़े जिलों में सिंगरौली को तीसरा नंबर दिए जाने के बाद कई स्तरों पर खामियां दूर करने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा व कुपोषण की स्थिति सुधारने के लिए डीएम ने बीते दिनों क्षेत्रवार कई टीमों का गठन किया था। टीम के औचक जांच में कई खामियां मिली व कई स्कूलों के शिक्षक व आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ता अनुपस्थित मिले। प्रतिवेदन रिपोर्ट के आधार पर डीएम अनुराग चौधरी ने सेवा समाप्ति व निलंबन की कार्रवाई की। निलंबित शिक्षकों में विनोद विश्वकर्मा सहायक अध्यापक, चंद्रशेेखर यलगुरे सहायक अध्यापक पिपरा, श्रीकांत चर्तुवेदी सहायक अध्यापक पूर्वा देवसर, धनेष प्रसाद प्रजापति, प्रयाग लाल बियार दोनों अध्यापक भलुगढ़, मनोज कुमार द्विवेदी, सहायक अध्यापक कटौली, श्यामलाल पनिका, सहायक अध्यापक पाली, रामचरण बैस, महेश पटेल सहायक अध्यापक घोडसनिया, सुधा मिश्रा सहायक अध्यापक सरौधा, मंधारी प्रसाद सहायक अध्यापक गड़वानी शामिल हैं। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त की गई उनमे सिंगरौली ग्रामीण की कार्यकर्ता बिजयलक्ष्मी शाह, प्रतापपुर एवं सिंगरौली ग्रामीण दो की कार्यकर्ता कुसुम बंसल, रंपा दो व बाल विकास परियोजना देवसर के डौआडोल की ममता पाठक एवं आशा पाठक चितरंगी दो की दो बुटनी देवी को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया है।