रामगढ़। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के चरकोनवा गांव में शनिवार को ईंट की दिवाल ढहने से दो चचेरे भाई दब गए। उपचार के लिए दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। वहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। रास्ते में एक की मौत हो गई। दूसरे का इलाज जारी है।
चरकोनवा निवासी रामसजीवन मौर्या का पांच वर्षीय पुत्र आयुष और उसके भाई संजीव मौर्या का छह वर्षीय पुत्र आशु शनिवार की सुबह सात बजे के करीब घर से कुछ दूरी खेल रहे थे। उसी समय पास में मौजूद ईंट की पुरानी दिवाल ढह गई। इससे दोनों उसकी चपेट में आ गया। ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया। इसके बाद जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से शाम को दोनों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। वाराणसी जाते वक्त रास्ते में आयुष की मौत हो गई। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से बगैर पुलिस को सूचना दिए रात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आशु का वहां के एक अस्पताल में उपचार जारी है। जिसकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।