सोनभद्र। सूबे के आयुक्त/सचिव राजस्व परिषद ने डीएम को पत्र जारी कर पूर्व जारी लंबित आरसी की वसूली का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के फसली ऋण माफ किया था, जबकि सहकारी बैंकों के कर्जदार इस श्रेणी से बाहर हैं। इसलिए उन्हें पूर्व में जारी आरसी के लंबित प्रकरणों का निपटारा कर धनराशि की वसूली की जाय।
वर्ष 2017 में प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के बाद भाजपा चुनावी वादों के मुताबिक किसानों की समस्याएं दूर करने में जुट गई। कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों का फसली ऋण एक लाख तक माफ करने की घोषणा कर दी। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के लगभग एक लाख 93 हजार किसानों में से फसली ऋण लेने वाले करीब 66160 किसानों को चिह्नित किया। उधर कर्ज माफी की घोषणा होने के बाद अधिकांश ऐसे लोगों ने भी बैंकों का कर्ज चुकाना बंद कर दिया, जिनके खिलाफ आरसी जारी तक हो चुकी है। बकाएदारों को लग रहा है कि आने वाले दिनों में उनका भी कर्ज शायद माफ हो जाए। कुछ दिनों पूर्व आयुक्त/सचिव राजस्व परिषद ने डीएम को पूर्व में जिन लोगों के खिलाफ बकाया जमा करने के लिए आरसी जारी हुई उनसे वसूली कराने का निर्देश दिया है। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल एसडीएम को नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में जिनके खिलाफ बकाया जमा करने के लिए आरसी जारी की गई है, उनसे वसूली कराने का निर्देश दे दिया गया है। कार्रवाई से बचने के लिए बकाएदार अविलंब बकाया धनराशि को जमा कर दें।