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नाले के पानी से प्यास बुझा रही पांच हजार आबादी

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बीजपुर । म्योरपुर ब्लाक का महुली गांव आजादी के 70 दशक बाद भी विकास से कोसों दूर है। गर्मी अभी शुरू भी नहीं हुई कि गांव में पानी की समस्या मुंह फाड़ के खड़ी हो गयी है। छह मजरे रहरेठाडांड़, लखार, धरिकार बस्ती, जलजलिया, सरईडाड़, अवराडॉड़ वाले गांव की आबादी पांच हजार के आसपास है । प्रधान मेवालाल ने बताया कि गांव के विभिन्न टोलों में 66 हैंडपंप हैं । इसके कुछ हैंडपंप खराब है। गर्मी ने दस्तक दे दी है। अभी गर्मी का प्रचंड रूप भी सामने नहीं आया है, बावजूद हैंडपंपों का भूजल स्तर खिसकने लगा है। पानी की कमी के कारण जब कुछ हैंडपंप सूख जाते है तो संचालित होने वाले हैंडपंपों पर दबाव बढ़ जाता है। जिसकी वजह से कुछ ही दिन में चालू हैंडपंप भी जवाब दे दे रहे हैं। ग्राम पंचायत के धरिकार और दलित बस्ती के लोगों को चमरनदिया नाले और दूर के बावली से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। प्रधान का आरोप है कि अनेक बार लिखित और मीटिंग में पानी की समस्या उठाए जाने के बावजूद न तो नए हैंडपंप लगवाये गए और न ही रिबोर ही कराया गया। जिससे गर्मी आते ही पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है । बताया कि गांव के राजकुमार, लक्षनधारी, शोभित लाल, मनोज, चन्द्रिका, जितेंद्र के घर के पास हैंडपंप लगवाने के लिए रिपोर्ट भी भेजी गई है ताकि गर्मी में खड़ी होने वाली पेयजल किल्लत से ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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