आंधी और बरसात से सात दिन से बेपटरी विद्युत उत्पादन में सोमवार को सुधार हुआ है। पारेषण लाइन में आई खराबी को दूर करने के बाद थर्मल बैकिंग भी कम हुई है लेकिन पूरी तरह से निजात नहीं मिली है। तापीय परियोजना अनपरा में जहां 2367 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था वहीं, उत्पादन निगम की चारों परियोजनाओं से कुल 3843 मेगावाट बिजली उत्पादन से लोगों ने राहत की सांस ली है।
आंधी एवं बरसात से पारेषण व वितरण लाइनों में खराबी के कारण सात दिनों से विद्युत उत्पादन बेपटरी हो गया था। सबसे विकट स्थिति रविवार को तब हो गई थी जब उत्पादन निगम को अनपरा, ओबरा, पारीछा व हरदुआगंज से 1776 मेगावाट तक उत्पादन घटाना पड़ा था। इस दौरान प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी 2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा परियोजना का उत्पादन लुढ़क कर 1576 मेगावाट पर आ गया था। पारेषण लाइनों के ठीक होने के बाद अनपरा परियोजना की सभी इकाइयों से उत्पादन शुरू हुआ। सोमवार को अनपरा परियोजना से 2367 मेगावाट, ओबरा से 536 मेगावाट, पारीछा से 607 मेगावाट व हरदुआगंज से 333 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। उत्पादन निगम को थर्मल बैकिंग से निजात नहीं मिली थी। तकनीकी खराबी के चलते सोमवार को इन चारों परियोजनाओं से 645 मेगावाट तक उत्पादन घटाना पड़ रहा था। मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह के मुताबिक अनपरा परियोजना से सोमवार को उत्पादन घटाने की नौबत नहीं आई है। इसके अलावा सभी यूनिट उत्पादनरत है। यूनिटों पर लोड बढ़ाकर उत्पादन और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।