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खर्च का झूठा ब्यौरा देने वालों पर दर्ज होगा केस

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सोनभद्र। राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के मद्देनजर अध्यक्ष एवं सभासद के स्तर से चुनाव में व्यय होने धनराशि की सीमाओं को निर्धारित कर दिया है। प्रतिदिन सभी प्रत्याशियों को खर्च किए धनराशि को रजिस्टर में अंकित करना है। इसके साथ ही चुनाव कार्यालय पर रजिस्टरों को रखना है, ताकि अधिकारी रजिस्टरों की जांच कर सकें। आयोग से निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ केस दर्ज होगा। इसके अलावा मनमाने ढंग से धन खर्च करने वाले उम्मीदवारों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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बताते चलें कि राबर्ट्र्सगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। चुर्क-नगर पंचायत में सात, चोपन में पांच, ओबरा में 18, दुद्धी में 13, पिपरी में सात, रेनुकूट मेें नौ और घोरावल में चेयरमैन पद के लिए दस उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे है। जीत का सपना देखने वाले अध्यक्ष एवं सदस्य पद के कई उम्मीदवार पानी की तरह धन खर्च कर वोटरों को अपने पाले में करने की फिराक में जुटे हैं। कई उम्मीदवारों के यहां 24 घंटे भंडारा चल रहा है। जबकि आयोग ने नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के निर्वाचन व्यय करने की अधिकतम सीमा छह लाख रुपये नगर पालिका के सभासद, नगर पंचायतों के चेयरमैन पद के उम्मीदवारों के खर्च करने की सीमा डेढ़ लाख एवं नगर पंचायत के सदस्य पद के प्रत्याशी की 30 हजार निर्धारित किया है। हालांकि उमीदवारों के मनमाने ढंग से किए जा रहे खर्च पर नजर रखने के लिए एसपी आरपी सिंह ने नगर पालिका और सात नगर पंचायतों में दो-दो टीमें गठित की है। सहायक निर्वाचन अधिकारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि सभी प्रत्याशियों को प्रतिदिन कितने रुपये खर्च हुए? इसका ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इस चुनावी खर्च के रजिस्टर की जांच कभी भी स्वयं सीडीओ समेत अन्य अधिकारी कर सकते हैं। आयोग से निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। चुनाव समाप्त होने के एक माह के भीतर प्रत्याशियों को चुनावी खर्च को ट्रेजरी में जमा करना पड़ेगा।
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