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संविदा कंपनियों में स्थानीय लोगों को रोजगार की उठाई मांग

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सोनभद्र (ओबरा)। अंबेडकर स्टेडियम में रविवार को बैठक कर ओबरा सी निर्माण कार्य में कार्यरत संविदा कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों को काम दिए जाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
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बिजली कर्मचारी संघ के पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद ने कहा कि शासनादेशों का पालन मजदुर हित में कराने और स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने की मांग संविदा कंपनियों के डायरेक्टर से की जाएगी। अनदेखी किए जाने पर पत्राचार करते हुए ऐसी कंपनियों को कार्यमुक्त कराये जाने के लिए भी संघर्ष किया जाएगा। सुशील मिश्रा संग्राम एवं भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी के अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए भ्रष्टाचारियों को कंपनियों से बाहर का रास्ता दिखाने का काम संगठन करेगा, ताकि मजदूर अपना भरण-पोषण अच्छे से कर पाएं। मजदूर नेता नवाज खान ने कहा कि परियोजना में भ्रष्टाचार चरम पर है, अगर सीबीआई जांच करा दी जाए तो सैकड़ों भ्रष्टाचारी जेल चले जाएगें। मजदूर संघ के नेता संजय पांडेय ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सोनभद्र के पानी को पीने लायक नहीं बताया गया है, लेकिन कई घंटों तक फैक्ट्रियों में काम करने वाले कामगार काम के उपरांत दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। शंभूनाथ मानव, छोटू तिवारी, प्रेम गोयल, अजीज अहमद, विनोद सिंह, तीरथ यादव, राजेंद्र प्रजापति, महेंद्र कुमार सिंह, नागेंद्र प्रताप चैहान, तारकेश्वर शुक्ला, रहमत अली, धर्मेद्र पासवान, संतोष कुमार, अमरनाथ यादव, संजय केशरी, संतोष कुमार, प्रशांत सोनी, अनिकेत श्रीवास्तव, सौरभ सिंह, आकाश यादव, शुभम सिंह पटेल, महेश पांडेय आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन छात्र नेता अरविंद सोनी ने किया।
इसी मामले में ओबरा में मूल विस्थापित मजदूर संगठन सोनभद्र की बैठक रविवार को स्थानीय पुलिस लाइन सेक्टर 10 में की गई। जिसमें ओबरा सी परियोजना एवं डाला अल्ट्रा टेक कंपनी में जिले से बाहरी लोगों को रखे जाने पर विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिले के गरीब मजदूर अपने ही शहर क्षेत्र में रोजगार न पाकर दूसरे राज्य में रोजगार के लिए दर-दर भटकते हैं। दुसान कंपनी एवं अल्ट्रा टेक कंपनी के आफिस में जब जिले के मजदूर रोजगार के लिए जाते हैं तो उन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। कहा कि जिले के मजदूरों के साथ ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन से मांग किया गया कि बाहरी लोगों को हटाकर स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिया जाए। अन्यथा संगठन के लोग जिले के संपूर्ण मजदूरों के साथ चक्का जाम कर विशाल आंदोलन करेंगे। राकेश देव पांडेय, विश्वनाथ देव पांडेय, सीताराम उरांव, अजय, दिनेश उरांव, राम मूरत, संतोष गोंड़, संजय कुमार, अजय कुमार सिंह, राजेश, शिवशंकर, लालबिहारी, रामबली, शिवमूरत, शिवधारी, लालशाह, पिंटू, पप्पू, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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