कोन/दुद्धी। जौनपुर से लौटे आठ युवकों के दो गांवों को सील करने के बाद प्रशासन ने उनके 39 परिजनों को क्वारंटीन कर दिया है। इसी के साथ प्रशासन ने इन गांवों में कड़ा पहरा बैठा दिया है। किसी के भी घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। गिधिया व सलैयाडीह गांव पूरी तरह से सील है। अधिकारियों ने बताया कि जौनपुर से लौटे सभी आठों व्यक्ति एसोम्टोमेटिक हैं। इन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं। लेकिन जौनपुर में कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने के बाद प्रशासन ने उन्हें सतर्कता बरतते हुए आइसोलेट किया है।
कोन प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि गिधिया के छह युवकों को प्रशासन ने घर पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया था। जबकि सलैयाडीह के दोनों युवक घर पहुंच चुके थे। इस कारण दोनों युवकों के संपर्क में आये 39 लोगों को भी अधिकारियों ने चिंहित कर चोपन मे ऐतिहातन क्वारेंटाइन कर दोनों गांवों को सील कर दिया है। उधर इस घटना से ग्रामीणों में दहशत है। दोनों गांवों के लोग अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आखिरकार उनकी जांच रिपोर्ट क्या आएगी।
उधर, दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार झारो कला गांव से जिला अस्पताल में आइसोलेट किए गए तीन लोगों के परिवारों से जुड़े 23 लोगों को भाऊराव देवरस पीजी कॉलेज में क्वारंटीन किया गया गया है। झारोगांव के चारो तरफ से सील कर दिया गया है। लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। लोगों से घरों में ही रहने की अपील की गई है।