राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत मुर्धवा और खाड़पाथर में प्रतिदिन 35 हजार लीटर फिल्टर पानी की आपूर्ति होगी। करीब 22 करोड़ 29 लाख 72 हजार रुपये की लागत से बनी इस परियोजना का ट्रायल हो चुका है। कुछ खामियां मिली हैं, जिन्हें दो दिन में दुरुस्त कर तीसरे दिन से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इससे गर्मी में पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी।
दुद्धी एसडीएम डा. विश्राम सिंह ने परियोजना का गुरुवार की सुबह स्थलीय जायजा लिया। मुर्धवा, खाड़पाथर में बनी टंकी के अलावा चार किमी दूर निहाईपाथर जाकर पूरी परियोजना की जांच पड़ताल की। जल निगम के सहायक अभियंता बद्री प्रसाद स्वर्णकार, अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने एसडीएम को पूरी परियोजना के बारे में समझाया। बताया कि दो दिनों पूर्व परियोजना को ट्रायल पर लेने के लिए शुरू किया गया था लेकिन जंगली क्षेत्र में सीमेंट से बनी वॉल पाइप टूट गई। ऐसे में दो दिन देर हो गई। इसके शुरू होने के बाद मुर्धवा सहित आसपास के गांव खाड़पाथर, जोकाही, बेलहत्थी, रेणुकूट आदि में पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
पेयजल विरतण के लिए पाइप लाइन भी बिछा दी गई है। परियोजना शुरू होने के बाद जगह-जगह सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट के जरिए पेयजल आपूर्ति की जाएगी। जल निगम से घरों में कनेक्शन भी दिए जाएंगे। निहाईपाथर से रेणु नदी से पानी उठाकर फिल्टर करने के बाद जलापूर्ति की जाएगी। परियोजना में प्रतिदिन 35 लाख लीटर पानी फिल्टर कर आपूर्ति की क्षमता है। एसडीएम ने निहाईपाथर पहुंचकर पूरी परियोजना का हाल जाना। इंटेक वेल से पानी फिल्टर होने के बाद ओवरहेड टैंक में जाएगा। फिर आपूर्ति होगी।