म्योरपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत 34 आशाओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सहयोग न करने के आरोप में सीएचसी अधीक्षक ने ब्लॉक के माध्यम से संबंधित ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर आशाओं के कार्यों की निगरानी करने और उन्हें अपने स्तर से चेतावनी देने को कहा है।
सीएचसी अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉक क्षेत्र में आने वाली 34 आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से नहीं दे रहीं। इस कारण एएनसी तथा डिलीवरी के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ग्राम प्रधानों को सूचना देकर आशाओं को अपने स्तर से चेतावनी देने अथवा उनकी स्थिति में निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है। पत्र के साथ संबंधित 34 आशाओं की सूची भी संलग्न की गई है।
इनमें छितवाटोला, जामपानी, घरसडी, अनपरा, डीबुलगंज, पिपरी, पोथीपाथर, चिलकाडांड, खड़िया, कोटा, बेलहत्थी, खाडपाथर, मुर्धवा, राजासरई, गरबंधा, परासी, बेलवादह, सेंदुर (मकरा) और सिधवा सहित विभिन्न गांवों की आशाएं शामिल हैं। विभागीय स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और गर्भवती महिलाओं तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब ग्राम प्रधानों की रिपोर्ट और आशाओं के कार्यों की निगरानी के बाद आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
ग्राम प्रधानों की रिपोर्ट के आधार पर आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉक्टर शिशिर श्रीवास्तव, अधीक्षक।