सोनभद्र। जिले में वृद्धा पेंशन के 7648 लाभार्थी अपात्र घोषित कर दिए गए हैं और उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। विभाग ने लाभार्थियों का सत्यापन तेज कर दिया है। कुछ ब्लॉकों की सत्यापन रिपोर्ट और आनी शेष है। इस रिपोर्ट के बाद कुछ अन्य चिह्नित लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर उनकी पेंशन बंद की जा सकती है। जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णानंद तिवारी के मुताबिक लाभार्थियों के पात्रता की जांच चल रही है। कुछ ब्लॉकों की रिपोर्ट आनी बाकी रह गई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्ध लोगों को पेंशन दिया जाता है। इसके तहत 60 वर्ष की आयु पार कर चुके गरीबी की सीमा रेखा के नीचे जीवन जीने वाले वृद्धों को चार सौ रुपये प्रति तिमाही पेंशन दिया जाता है। साल भर में 1600 रुपये पात्रों को उनकी आजीविका चलाने के लिए पेंशन मिलती है। इसमें भी तमाम ऐसे लोग होते हैं, जो अपनी अपात्रता छिपाकर पेंशन लेने का प्रयास करते हैं। कुछ लोगों को मृत होने के बाद भी पेंशन जाती है, जिसकी जांच समय-समय पर समाज कल्याण विभाग की ओर से कराई जाती है। विभाग की मानें तो जिले में वृद्धा पेंशन के कुल 45465 लाभार्थी हैं। इन लाभार्थियों को हाल में ही पांच करोड़ 49 लाख 35 हजार पांच सौ रुपये सीधे खाते में भेजा गया है। विभागीय कर्मियों के अनुसार 39111 लाभार्थियों ने अब तक आधार कार्ड जमा नहीं किया है, लेकिन इससे उनकी पेंशन रोकी नहीं गई है। विभाग ने जिले के आठों ब्लॉकों राबर्ट्सगंज, नगवां, चतरा, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, दुद्घी और बभनी में वृद्घा पेंशन के लाभार्थियों के पात्रता की जांच तेज करा दिया है। विभाग को अब तक 7648 अपात्र पेंशनधारकों की सूची जांच कर भेजी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट पूरी आने पर और भी लाभार्थियों की अपात्रता सामने आ सकती है। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले के आठो ब्लॉकों मे पेंशनधारकों के पात्रता की जांच चल रही है। कुछ जगहों की रिपोर्ट आनी शेष है।