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रेनूसागर की घटना की हो सीबीसीआईडी से जांच

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अनपरा। रेनूसागर पावर डिवीजन में हुई आगजनी तोड़फोड़ व पत्थरबाजी के बाद परियोजना प्रबंधन व प्रशासन द्वारा कराये गये प्राथमिकी में बीएमएस व उनके नेताओं का नाम दर्ज न किया जाना प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाता है। इस घटना की सीबीसीआईडी से जांच होनी चाहिए। ये बातें अनपरा में आयोजित एक वार्ता में वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष व स्वराज अभियान के नेता दिनकर कपूर ने कही।
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उन्होंने कहा कि बीएमएस के बैनर तले ही श्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, और घरनास्थल से गिरफ्तार भाजपा के एक नेता को प्रशासन द्वारा बरी करना भी सवालों के घेरे में है। पत्रकार चंदन दूबे के ऊपर गुंडा एक्ट लगाकर विभिन्न धाराओं में प्रशासन द्वारा जेल भेजना अभिव्यक्ति की आजादी व लोकतंत्र की हत्या है। इस पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे घटना की जांच सीबीसीआईडी से होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने ठेका मजदूरों के कानून में बदलाव कर श्रमिकों के अधिकार ही छीन लिए हैं। 27 जनवरी को ओबरा में आयोजित ठेका मजदूर यूनियन के 16 वें जिला सम्मेलन का नारा श्रम सुधार के नाम पर अधिकार पर हमला बंद करो, सुरक्षा, सम्मानजनक आजीविका व नियमितिकरण का प्रबंध करो होगा। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री राजेश सचान, ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष तेजधारी गुप्ता, कोषाध्यक्ष हकीक अली शाह, प्रचार मंत्री कृपा शंकर पनिका, अशोक कुमार भारती, आदि मौजूद थे।
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