अतिक्रमण के खिलाफ गुरुवार को होने वाली सबसे बड़ी कार्रवाई फिलहाल नहीं हो सकेगी। इसके लिए आदेश में तकनीकी गड़बड़ी को वजह बताया जा रहा है। एनसीएल प्रबंधन का कहना है कि त्रुटि सुधार के बाद कार्रवाई संभव हो सकेगी।
बताते चले कि बस स्टैंड में बने एक होटल व शापिंग कटरे का मामला हाइकोर्ट चला गया था। एनसीएल ने दावा किया कि जिस भूमि पर निर्माण हुआ है वह उसका है। इस मामले में कोर्ट ने एनसीएल खडिय़ा क्षेत्र के पक्ष में फैसला देते हुए अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया। एनसीएल ने इस मद में आने वाले करीब साढ़े तीन लाख रूपये भी प्रशासन/ पुलिस के खाते में जमा कर दिया। इसी के बाद पांच अप्रैल को कार्रवाई करना तय किया गया। बताते है कि बुधवार को दोनों पक्ष एसडीएम दुद्धी के पास पहुंचे और अपने तर्क दिए। तर्क हाईकोर्ट के आदेश व कब्जा भूमि के खसरे में दर्ज नंबर को लेकर था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एसडीएम ने कार्रवाई को स्थतगित कर दिया। इधर बुधवार शाम एनसीएल के सुरक्षा अधिकारी नारदमुनी चौबे ने अतिक्रमण गिराने को लेकर क्षेत्र में मुनादी शुरू करा दी जिससे लोगों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्र ने बताया कि कोल प्रबंधन के तरफ से एक पत्र मिला है जिसमे कार्रवाई स्थगित करने का उल्लेख है।