सोनभद्र। सदर ब्लॉक के मधुपुर के किसान नंदलाल ऋण मोचन प्रमाण पत्र पाते ही हैरत में पड़ गए। कहने लगे, साहब हमने 50 हजार रुपये का लोन लिया था। 30 हजार रुपये जमा कर चुका हूं। अभी 20 हजार रुपये और जमा करना है लेकिन उन्हें महज 107 रुपये का ही ऋण मोचन प्रमाण पत्र मिला। नंदलाल अपनी समस्या लेकर कईयों के पास पहुंचे मगर किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
ऐसे ही तमाम किसान मौके पर ऋण मोचन प्रमाण पत्र पाकर परेशान दिखे। दरअसल यूपी सरकार ने एक लाख रुपये तक का ऋण लेने वाले किसानों की ऋण माफी की घोषणा की थी। इसके तहत जिले में पहले चरण में 5011 किसानों को चुर्क के स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल में ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित करने के लिए इकट्ठा किया गया था। जिले की प्रभारी मंत्री अर्चना पांडेय के साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को प्रमाण पत्र दिया। किसानों ने जब यह प्रमाण पत्र खोलकर देखना शुरू किया तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। मधुपुर गांव के नंदलाल का सिर्फ 107 रुपये माफ हुआ। गौरही गांव के विद्यापति ने 38 हजार का ऋण लिया था और माफ हुआ 2207 रुपये। इसी गांव के राजनारायण का भी 1758 रुपये, कमला सिंह का 2398 रुपये 20 पैसे माफ हुआ है। जबकि उन्होंने एक लाख 24 हजार रुपये लोन दिया था और व्याज समेत उन्हें एक लाख 45 हजार रुपये जमा करना था। इसरी तरह मधुपुर गांव की ही मंगली ने 40 हजार रुपये का ऋण लिया था और एक भी रुपये वह मुफलिसी के नाते नहीं जमा कर पाई। उनका कहना था उम्मीद थी कि पूरा ऋण माफ हो जाएगा लेकिन उसे महज 572 रुपये 14 पैसे का ऋण मोचन प्रमाण पत्र मिला है। इन किसानों ने जिलाधिकारी से एक बार फिर ऋण मोचन की समीक्षा करने की मांग उठाई है।