रेणुकूट। एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहंद बांध का जलस्तर 848 फीट पर पहुंच गया है। यह जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में आठ फीट ज्यादा है। बीते वर्ष आज के दिन बांध का जलस्तर 840 फीट पर ही पहुंचा था। इस वर्ष अब तक हुई ठीक-ठाक बारिश से बांध का जलस्तर 848 फीट पर पहुंच गया है। बांध के कैचमेंट एरिया में हो रही अच्छी बारिश से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रिहंद बांध में आने वाले पानी का 90 फीसदी भाग छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश की ओर से आता है। जिले में होने के बाद भी यहां हो रही बारिश का 10 फीसदी हिस्सा ही बांध में पहुंच पाता है। अब तक बांध का जल स्तर 848 फीट तक पहुंचा है, जो बांध का फाटक खुलने से 22 फीट की दूरी पर है। 870 फीट पार करने के बाद ही बांध के फाटक खोले जाते हैं। रिहंद बांध के अधीक्षण अभियंता शैलेश सिंह ने बताया कि बांध के चार टरबाइनों को चला कर दो सौ मेगावॉट विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण जल स्तर पर भी लगातार निगाह रखी जा रही है।
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बारिश से कनहर नदी उफान पर
दुद्धी/अमवार(ब्यूरो)। क्षेत्र सहित छत्तीसगढ़ में हो रही लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से कनहर नदी उफान पर आ गई। बुधवार की शाम करीब छह बजे कनहर नदी में करीब सात मीटर पानी बह रहा था। बताया गया कि कनहर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जो पिछले वर्ष 238 के लेवल तक आए जलस्तर के रिकार्ड को तोड़ सकता है। कनहर नदी के उफान को देखते हुए कनहर परियोजना का निर्माण कार्य ठप हो गया। कनहर नदी में उठे उफान की जानकारी मिलने पर एसडीएम भानु प्रताप सिंह कनहर नदी तट पहुंचे जहां बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए परियोजना अधिकारियों से वार्ता कर समुचित व्यवस्था रखने का निर्देश दिया।
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बारिश में कई घर गिरे
वैनी (ब्यूरो)। नगवां ब्लॉक क्षेत्र में इन दिनों हो रही बारिश के दौरान कई घर गिर गए हैं। तिरपाल डालकर गुजारा कर रहे लोगों ने तहसील प्रशासन से क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की है। वैनी गांव की गुलाबी देवी और रमाशंकर पाठक का घर गिर गया है। वहीं दुबेपुर में मुबारक अली, मकुन विश्वकर्मा और अजनू विश्वकर्मा का घर गिज गया है, जिससे हजारों रुपये की क्षति हुई है। लोगों ने क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की है।-राजेश पाठक