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खुशखबरी: सोनांचल के खान फूकेंगे अस्पतालों में जान

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कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने में लगी हुई है। वहां की जरूरतों को पूरा करने के लिए तमाम तरह से मदद ली जा रही है। संसाधनों की कमी से जूझते जिले के अस्पतालों को सुदृढ़ बनाने में अब सोनांचल के खान भी अहम भूमिका निभाएंगे। शासन ने डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (डीएमएफ) के माध्यम से अर्जित धनराशि का 30 प्रतिशत हिस्सा अस्पतालों की स्थिति सुधारने में खर्च का निर्देश दिया है। इस धनराशि से अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, बेड, अन्य उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। नए अस्पतालों के भवनों का निर्माण भी होगा।
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केंद्र और प्रदेश सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर से निबटने के लिए सभी जिलों के डीएम को अभी से तैयारियां पूर्ण रखने का निर्देश दिया है। इसके लिए धन की कमी को दूर करने के लिए शासन ने डीएमएफ मद से भी मदद लेने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश शासन के सचिव डॉ. रोशन जैकब ने चार जून को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए तैयारियों के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2020-21 तक डीएमएफ मद में जमा धनराशि के अधिकतम 30 प्रतिशत धनराशि अस्पतालों को सुदृढ़ करने में खर्च करने को कहा है। यह व्यय ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, अस्पतालों की ऑक्सीजन पाइप लाइन से संबंधित मरम्मत आदि के कार्य तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों पर किया जाएगा। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिले के राजकीय चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में जीवन रक्षक उपकरणों आदि का क्रय अन्य स्रोतों से धनराशि उपलब्ध न होने की स्थिति में किया जाए। नवीन चिकित्सालय भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद सोनभद्र प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर को मात देने की तैयारियों में जुट गया है। जिले में डीएमएफ के मद में करीब 200 करोड़ की धनराशि उपलब्ध है। इस लिहाज से स्वास्थ्य सुविधाओं पर 60 करोड़ रुपये तक खर्च हो सकेगा। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सीएमओ को कोरोना से निपटने के लिए किन अस्पतालों में कौन से उपकरण आदि की व्यवस्था की जानी है, उसकी रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि तत्काल पूरा कराया जा सके और जरूरत पड़ने पर कोरोना की तीसरी वेब से पीड़ित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।
अस्पतालों में इन सुविधाओं की है जरूरत
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर में बच्चों के लिए अलग से 50 बेड का कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाने के साथ ही अन्य उपकरण पहुंच चुके हैं। जिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है। कहीं भवन जर्जर हैं तो कहीं उपकरण नदारद हैं। बच्चों के उपचार की सुविधा अधिकांश ग्रामीण अस्पतालों में नहीं है। ऐसे में डीएमएफ की धनराशि इन अस्पतालों का कायाकल्प करने में काफी मददगार होगी।
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जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (डीएमएफ) के माध्यम से अर्जित धनराशि का 30 प्रतिशत हिस्सा अस्पतालों की स्थिति सुधारने में खर्च करने का निर्देश मिला है। इस धनराशि से अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, बेड, अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुधारी जाएगी। जरूरत के अनुसार नए अस्पतालों के भवनों का निर्माण भी होगा।-योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी सोनभद्र।
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