सोनभद्र। कोविड 19 को लेकर चल रहे लॉकडाउन के दौरान जिले के विभिन्न सेंटरों में क्वारंटीन किये गए 286 लोगों को मंगलवार को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया। राबर्ट्सगंज के दो क्वारंटीन सेंटरों से 182, घोरावल से 33 और दुद्धी तहसील के विभिन्न सेंटरों से 71 लोगों को क्वारंटीन अवधि पूर्ण होने पर खाद्यान्न किट देकर उनके घरों के लिए रवाना किया गया। सभी को रोडवेज बसों से गंतव्य के लिए मंगलवार को रवाना किया गया।
झारखंड से अनुमति न मिलने के कारण 31 युवकों को बीना क्वारंटीन सेंटर पर रखा गया है। इसके साथ ही अब तक सोमवार व मंगलवार दो दिन के अंदर क्वारंटीन सेंटरों में ठहराए गए लोगों में से 800 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बसों से उनके घरों के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी एस राजलिंगम के अनुसार जिन लोगों की क्वारंटीन अवधि पूरी हो जा रही है और स्वास्थ्य जांच में ठीक हैं, उन्हें बसों से उनके घरों तक भेजा जा रहा है। दो दिन में कुल 800 लोगों को उनके घर भेजा जा चुका है। अब भी क्वारंटीन सेंटरों में करीब 900 लोग ठहराए गए हैं।
जिले में कोविड 19 को लेकर 27 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर ठहराए गए लोगों की 14 दिन की अवधि पूर्ण होने पर अब उन्हें घर भेजा जा रहा है। मंगलवार को एसडीएम सदर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी ने 182 लोगों को बढौली चौराहा से रोडवेज की बसों से उनके घरों के लिए रवाना किया। इन सभी लोगों को खाद्यान्न भी वितरित किया गया। ये सभी लोग विंध्य कन्या महाविद्यालय और संत जोसेफ कांन्वेंट स्कूल में क्वारंटीन किए गए थे।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार तहसीलदार बृजेश वर्मा ने सोमवार को 39 मजदूरों को दो क्वारंटीन सेंटर से जिला मुख्यालय भेजवाया। वहां से वे रोडवेज से वे गृह जिला भेजे गए। बताया कि लेविस इंटर कॉलेज रेेेणुकूट से 29 मजदूर जो एमपी से आये थे व दक्षिणाचल इंटर कॉलेज बभनी से 10 मजदूरों को जो छत्तीसगढ से आये थे, उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया।
अनपरा प्रतिनिधि के अनुसार डीएवी बीना स्कूल में बने क्वारंटीन सेंटर से मंगलवार को 32 युवकों को घर भेजा गया। अन्य 31 युवक जो गैर प्रांत झारखंड के रहने वाले हैं, उन्हें सीमा पार जाने की अनुमति नहीं मिलने पर बीना सेंटर पर ही रखा गया हैँ। ग्राम विकास अधिकारी काशी ठाकुर व तकनीकी सहायक विनोद दुबे ने बताया कि 66 युवकों को क्वारंटीन किया गया है। इसमें से तीन को स्वास्थ्य खराब होने पर जिला चिकित्सालय भेज दिया गया था। 63 युवक यहां पहले से थे। समय पूरा होने पर मंगलवार को बसों से 31 युवकों को दुद्धी भेजा गया। वहां से उन्हें घर भेजा जाएगा।
घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार लॉक डाउन घोषित होने के बाद से हरसेवानंद पब्लिक स्कूल मरसड़ा में क्वारंटीन किए गए 33 लोगों को मंगलवार को उनके घर भेज दिया गया। सभी का मेडिकल परीक्षण हुुआ। रोडवेज बस से राबर्ट्सगंज भेज दिया गया। जहां से इन सभी को उनके घरों के लिए रवाना किया गया। घोरावल एसडीएम प्रकाशचंद्र ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर हरसेवानंद पब्लिक स्कूल में कुल 125 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इनमें से क्वारंटीन की अवधि पूरी कर चुके 33 लोग इलाहाबाद, बलिया, कानपुर, मऊ जिले के हैं। इन सभी को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया है।
12 लोगों के सैंपल लेकर भेजा बीएचयू
सोनभद्र। कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए घोषित लॉकडाउन के दौरान गैर प्रांतों व जनपदों से आए करीब 1400 लोगों को विभिन्न स्थानों पर बने 27 क्वांरटीन सेंटरों में ठहराया गया है। इनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन लोगों में सर्दी, खांसी व जुकाम आदि की शिकायतें मिल रही हैं, उनके सैंपल जांच के लिए बीएचयू भेजे जा रहे हैं। डा.केके सिंह के अनुसार मंगलवार को भी क्वारंटीन सेंटरों में ठहराए गए लोगों में से 12 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए बीएचयू भेजे गए।
उधर लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ जाने के बाद बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड व मध्य प्रदेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इस बीच मंगलवार को दूसरे चरण के लाकडाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ाए जाने के बाद यूपी-मध्य प्रदेश की सीमा पर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरती तरह से रोक दिया गया। छतीसगढ़, बिहार, झारखंड राज्य के अलावा मिर्जापुर व चंदौली जिले की सीमाओं पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस पैदल व वाहनों से आवागमन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर सतर्क नजर रख रही है। पूछताछ के बाद ही जरूरी काम से निकले लोगों को उनके गंतव्य की ओर जाने दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी एस राजलिंगम के अनुसार मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार सीमा को भी सील कर आवागमन पर रोक लगा दी गई है। यह सख्ती अभी आगे भी जा रहेगी। इसके अलावा मिर्जापुर व चंदौली जनपद की सीमाओं को सील नहीं किया गया है लेकिन सभी आने जाने वालों को जांच के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वजह घर से निकलने वालों के साथ और सख्ती बरतने की हिदायत दी गई है।