राबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान के समीप निर्माणाधीन जल सयंत्र आरो प्लांट।
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सोनभद्र । नगर पालिका क्षेत्र के पचास हजार लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत योजना के तहत प्रस्तावित कार्य में तेजी आई है। करीब 96.01 करोड़ रुपये की 2014-15 में स्वीकृत योजना के तहत प्रस्तावित कार्य धनाभाव के कारण लटके पड़े थे। पिछले दिनों 26 करोड़ रुपये मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ओवरहेड टैंक के निर्माण को गति देना शुरू कर दिया है।
नगर पालिका सोनभद्र क्षेत्र में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित 96.01 करोड़ रुपये की योजना के तहत हाइडिल कालोनी के पास 26 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाने का प्रस्ताव है। कार्यदायी संस्था जल निगम ने डब्ल्यूटीपी का काम तेज कर दिया है। ओवरहेड टैंक व पाइप लाइन के बचे कार्यों को भी जल्द ही शुरू करने की तैयारी है। नगर पालिका क्षेत्र के 50 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2014-15 में 96.01 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत पूरे शहर में 84 किमी पेयजल पाइप लाइन डालने, हाइडिल कालोनी के पास 1300 किलोलीटर, प्रकाश जीनियस स्कूल के पास 1350 किलोलीटर, अखाड़ा महाल धर्मशाला चौराहा के पास 1400 किलोलीटर व स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह के पास 900 किलोलीटर क्षमता के कुल चार ओवरहेड टैंक बनाने का प्रस्ताव है।
इसी तरह से धंधरौल बंधे से हाइडिल कालोनी के पास तक 18.5 किमी दूरी तक अलग से पाइप लाइन डाली जानी है। धंधरौल बंधे के पास इनटेक वेल बनाने का प्रस्ताव है। यहां से पानी डब्ल्यूटीपी तक भेजा जाएगा। यहां पानी शुद्ध करने के बाद ओवरहेड टैंकों में भरा जाएगा। इसके बाद जलापूर्ति की जाएगी। पूर्व में इस योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को कराने के लिए 44.25 करोड़ रुपये शासन स्तर से जारी किए गए। इस धनराशि से योजना के तहत प्रस्तावित कार्य भी कराए गए लेकिन 2017 के बाद धनराशि के अभाव में कार्य की गति धीमी हो गई। इस बीच पिछले दिनों 26 करोड़ रुपये डीएमएफ से प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराए जाने के बाद कार्यदायी संस्था ने प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने का काम तेज कर दिया है।
हालांकि पूर्व में प्राप्त धनराशि से 42 किमी पेयजल पाइप लाइन डाली जा चुकी है। सभी चार जगहों पर ओवरहेड टैंक के करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरे कर लिए गए हैं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व इनटेक वेल का काम धीमी गति से चल रहा था। अब 26 करोड़ रुपये मिलने के बाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य में तेजी आई है।
कोट
डीएमएफ से 51.86 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसमें से 26 करोड़ रुपये हाल ही में प्राप्त हुए हैं। इस धनराशि से इनटेक वेल व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम तेज कर दिया गया है।-फणिंद्र राय, अधिशासी अभियंता, जल निगम