म्योरपुर। प्रशासन के दावों के बावजूद यूरिया की किल्लत दूर नहीं हो रही। बृहस्पतिवार को म्योरपुर ब्लॉक परिसर स्थित सहकारी समिति में यूरिया के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस और पीआरडी जवानों की मौजूदगी में 220 बोरी खाद बांटी गई। वहीं, धक्के खाने के बाद भी 350 से ज्यादा किसानाें को खाद नहीं मिल पाई। इससे उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
धान की रोपाई के बाद छिड़काव के लिए किसानों को यूरिया की जरूरत है। विभाग का दावा है कि जिले में लक्ष्य से अधिक खाद बांटी जा चुकी है, बावजूद किसान इसे पाने से वंचित हैं। कुल 62 में से ज्यादातर समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। जहां है भी, वहां स्वीकृति न मिलने से वितरण नहीं हो रहा। प्रशासन की ओर से लगातार समितियों पर खाद का आवंटन और प्रेषित किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, मगर भीड़ अलग ही कहानी बयां कर रही है।
म्योरपुर ब्लॉक परिसर में स्थिति समिति से बुधवार को बिना खाद के लौटे किसान बृहस्पतिवार की सुबह ही जुट गए थे। महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगाई गई। एडीओ सहकारिता संतेश राय, बीओ पीआरडी विकास दुबे, म्योरपुर थाने के एसआई राजेश कुमार और बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों की मौजूदगी में खाद का वितरण शुरू हुआ। किसानों को उनकी खतौनी देखने के बाद ही 220 बोरी का वितरण किया गया। लाइन में खड़े सैकड़ों किसान मायूस होकर लौट गए।
किसानों का कहना था कि उन्हें सरकारी समिति से सस्ते दर पर खाद मिल रही है, जबकि बाजार में यही खाद महंगे दाम पर बेची जा रही है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी सहकारिता संतेश राय ने बताया कि खतौनी देखकर किसानों को 220 बोरी खाद का वितरण किया गया है। जिन किसानों को खाद नहीं मिल पाई है उन्हें जल्दी ही मंगा कर वितरण कराई जाएगी।
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तीन लैंपस को 10-10 टन यूरिया मिलेगी
बभनी/वैनी। धान की रोपाई के बाद किसानों को यूरिया खाद डालने की जरूरत है। खाद न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। चैनपुर लैंपस के सचिव अनुपम ने बताया कि खाद की मांग की गई है। मांग स्वीकृत भी हो गई है। उन्होंने बताया कि बभनी, चपकी और खोतोमहुआ लैंपस के लिए 10-10 टन यूरिया आवंटित हो गया है। चैनपुर लैंपस के लिए पांच टन यूरिया आवंटित किया गया है। दो दिन में खाद सभी लैंपस पर उपलब्ध हो जाएगी। दो दिन बाद किसानों को खाद वितरित किया जाएगा। क्षेत्र के चकसानी, परसा टोला, आसनडीह, चपकी में प्राइवेट दुकानों पर खाद निर्धारित रेट से महंगे दाम पर बेचा जा रहा है ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी दुकानदार मनमानी पर उतारू हैं। मजबूर किसान खाद खरीदने पर विवश हैं। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। उधर, वैनी क्षेत्र की समितियों पर खाद नदारद है। किसान मजबूरी में बाजार से खरीद रहे हैं।
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वर्जन...
समितियों को जरूरत के अनुसार खाद का आवंटन और प्रेषण किया जा रहा है। जोत बही के आधार पर ही खाद बांटने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में पर्याप्त खाद है। किसान संयम बरतें, जल्द ही सभी समितियों पर खाद उपलब्ध हो जाएगा। ऊंचे दाम लेने वालों की शिकायत कंट्रोल रूम में करें। -वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी।