वीरवार दोपहर करीब 12 बजे यह पुल एकाएक नदी में बह गया। 1972 में बना यह पुल भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की भेंट चढ़ गया। देखें पहले यह पुल बिल्कुल ठीक था।
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धुरकरी और मिर्जापुुर जिले के धुरकर गांव से होकर गुजरने वाली बकहर नदी पर 217.23 लाख की लागत से लघु सेतु का निर्माण होगा। योजना को स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग लखनऊ के मुख्य अभियंता सेतु ने विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग को आगणन भेज दिया है। सीएम से अनुमति मिलने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
घोरावल तहसील का धुरकरी गांव मिर्जापुर बार्डर के धुरकर गांव को स्पर्श करता है। इन दोनों गांवों के बीच से बकहर नदी गुजरती है। अंग्रेजों के जमाने का नदी में सेतु बना है, जो वर्तमान में टूटने की कगार पर पहुंच गया है। मूसलाधार बारिश होने पर पुल केे ऊपर से पानी बहने लगता है। लगभग 15 वर्ष पूर्व पुल पर अत्याधिक पानी बहने से कई कांवरियां बह गए थे, जिसमें दो कांवरियों की मौत भी हो गई थी।
प्रतिदिन सेतु से सैकड़ों वाहनों से हजारों लोगों का आना-जाना हैै। इस मार्ग से सोनभद्र-मिर्जापुर के अलावा मध्य प्रदेश के सिधी, सिंगरौली समेत अन्य जिले के लोग भी आते-जाते हैं। वर्तमान में पुल की कई जगह दीवारें फट गईं और पत्थर टूटकर गिर रहे हैं। इस पुल से ओवरलोड ट्रक समेत अन्य वाहन गुजर रहे हैैं। इन वाहनों के आने-जाने से कभी पुल टूट सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पुल के टूटने पर करीब 50 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर लोगों को मड़िहान जाना पड़ेगा।
15 जून 2016 को अधिशासी अभियंता निर्माण खंड द्वितीय मिर्जापुर ने विभागीय मुख्य अभियंता लखनऊ को बकहर नदी में सेतु के निर्माण की प्रारंभिक आगणन 217.23 लाख का भेजा है। इस आगणन को नौ अगस्त 2016 को मुख्य अभियंता सेतु लोक निर्माण विभाग लखनऊ ने विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग अनुभाग (दस) उत्तर प्रदेश सेतु को भेज दिया। विधायक रमेश दुबे ने बताया कि विशेष सचिव ने सेतु के निर्माण संबंधित फाइल को मुख्यमंत्री के पास स्वीकृति को भेज दिया है।