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चार गांवों में डायरिया का प्रकोप, कईयों ने पकड़ी खाट

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सोनभद्र। नगवां ब्लॉेक के सरईगढ़, बन बहुआर, नंदना और गहिला गांव में शनिवार को डायरयिा की चपेट में आने से 20-25 लोग बीमार हो गए। ग्रामीणों के सूचना देने के करीब पांच घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने पहुंच कर उपचार शुरू किया।
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शुक्रवार की रात में बन बहुआर, नंदना, सरईगढ़ और गहिला गांव के कुछ लोगों को उल्ट दस्त शुरू हुआ। डायरिया से पीड़ित लोगों ने घरेलू उपचार किया, लेकिन उनकी हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती गई। शनिवार की अलसुबह काफी संख्या में लोग बीमार हो गए। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने सीएचसी वैनी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब पांच घंटे बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी रामकुमार सिंह, डॉ. केएन सिंह, सुनील सिंह, संतोष कुमार को लेकर सरईगढ़ पहुंच कर कैंप लगाकर मरीजों का उपचार शुरू किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने डायरिया से पीड़ित रामबली यादव, दरबारी पासवान, रमेश, बचनी, धनभागी, सीमा देवी, रंभा समेत करीब 25 लोगों का उपचार हुआ। डॉ. रामकुमार सिंह ने बताया कि बन बहुआर में डायरिया के सबसे अधिक मरीज थे। बताते चले कि कुछ दिनों पूर्व बन बहुआर में डायरिया की चपेट मेें आने से सुषमा देवी की मौत हो गई थी। मृतका के पति निनोद अभी भी बीमार है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि मरीजों की हालत सामान्य है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्यकर्मी मौके पर उपचार शुरू कर दिए थे। कहा कि दूषित पानी और भोजन करने से डायरिया हुई है। कहा कि डायरिया से बचने के लिए लोग ताजा भोजन और शुद्घ पानी का सेवन करें। अगर किसी गांव मेें डायरिया फैलती है कि तो ग्रामीण तत्काल अपने नजदीकी अस्पतालों पर जाकर प्रभारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का उपचार कर सकें।
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