अनपरा। शार्ट टर्म रोजगार की अधिसूचना के जरिए केंद्र सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों पर नया हमला किया है। इससे मजदूरों की पक्की नौकरी और सुरक्षित रोजगार की संभावनाएं खत्म हो जाएगी। चार साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार कारपोरेट हितों को पूरा करने में ही लगी रही और देशी विदेशी पूंजी घरानों के मुनाफे के लिए श्रम सुधारों के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों पर हमला किया है। मजदूर दिवस को श्रम अधिकार रक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा । यह निर्णय शुक्रवार को यूपी वर्कर्स फ्रंट से संबद्ध ठेका मजदूर यूनियन की बैठक में लिया गया।
अनपरा में हुई बैठक में वर्कर्स फ्रंट की याचिका में अनपरा और ओबरा तापीय परियोजना के ठेका मजदूरों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट द्वारा सरकार से जबाब तलब करने के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इससे एक बार फिर ठेका मजदूरों में अपनी नौकरी पक्की करने की उम्मीद जगी है। बैठक में हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए परियोजना में कार्यरत मजदूरों की सूची बनाने का भी निर्णय लिया गया। इस मौके पर हकीक, अशोक कुमार भारती, अतुल पाठक, जमुना यादव, गोविंद प्रजापति, शेख इम्तियाज, ददुउ यादव, विजेंद्र गुप्ता, मखंचू आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला कार्यालय सचिव तेजधारी गुप्ता और संचालन मसीहुदौला अंसारी ने किया।