ओबरा। भारतीय सूचना एवं मानवाधिकार मिशन के जिला उपाध्यक्ष आरबी सिंह ने कहा है कि ओबरा तापीय परियोजना के अ ताप विद्युत गृह के 50 मेवा के इकाइयों के बंद होने से वहां लगभग 38 वर्षों से कार्यरत 40 से अधिक संविदा श्रमिक बेरोजगार एवं भुखमरी के कगार पर हैं।
ऐसे में जब ओबरा ब ताप विद्युत गृह के कोल हैंडलिंग प्लांट के परिचालन एवं अनुरक्षण आदि कार्यों को एकल निविदा के माध्यम से एक निजी फर्म को सौंप दिया जाएगा तो निगम को भारी आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही कोल हैंडलिंग प्लांट में पूर्व में वर्षों से कार्यरत लगभग 250 संविदा श्रमिकों के सामने भी बेरोजगारी एवं भुखमरी की विकट समस्या उत्पन्न हो जाएगी। कहा कि तब पूर्व के अ ताप विद्युत गृह के 40 संविदा श्रमिकों के साथ 250 अतिरिक्त संविदा श्रमिक भी आंदोलन में शामिल हो जाएंगे जो एक व्यापक आंदोलन का रूप ले सकती है। उच्च बिजली प्रबंधन से मांग किया है कि उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निमम के ताप विद्युत गृहों के कोयला संचालन संयंत्र के परिचालन एवं अनुरक्षण के कार्यों के आवंटन में हो रही व्यापक धांधली की जांच कराई जाए तथा निदेशक स्तर के भ्रष्ट अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जाए।