सोनभद्र। जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने गुरुवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय सहित पांच अन्य कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इसमेें बाल विकास परियोजना अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, सहायक और अवर अभियंता कार्यालय के दस अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर सीडीओ को एक-एक दिन का वेतन काटने एवं स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। चेताया कि समय से कार्यालय न पहुंचने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को सुबह करीब पौने 11 बजे डीएम बाल विकास परियोजना कार्यालय राबर्ट्सगंज में पहुंचे। यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी रविंद्र प्रकाश गिरि, मुख्य सेविका शशिकला देवी, विदो देवी, कौशल्या देवी गैरहाजिर हैं। मौके पर मात्र एक कनिष्ठ सहायक किरन कुमारी मौजूद मिलीं। डीएम क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सुरेंद्र नाथ सिंह, कनिष्ठ लिपिक शिव कुमार अनुपस्थित रहे, जबकि अधिशासी अभियंता प्रधान मंत्री ग्राम्य सड़क योजना कार्यालय के निरीक्षण में उपखंड अधिकारी एवं जेई अनुपस्थित रहे। सहायक निदेशक रेशम कार्यालय, रेशम उत्पादन फार्म के निरीक्षण में सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। एक्सईएन जल निगम यूनिसेफ कार्यालय में एक्सईएन मो. नसीम मौजूद मिले। रजिस्टार कार्यालय में 13 में से 11 कर्मी मौजूद रहे। जबकि दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। जल निगम यूनीसेफ कार्यालय परासी पांडेय में स्थापित जिला स्तरीय प्रयोगशाला के निर्देश में डीएम ने एक्सईएन को निर्देश दिया कि जिले के सभी हैंडपम्पों के पानी के नमूनों की परीक्षण किया जाए। जिन हैंडपंपों में आयरन, फ्लोरोराइड पाया जाता है उनसे पानी लेने पर प्रतिबंध लगाया जाए। टेस्ट में सहीं पाये जाने वाले हैंडपम्पों पर हरे रंग की पेंटिंग कराई जाए।