उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बुधवार को शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, एलटी ग्रेड वेतनमान देने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि जल्द पूरी नहीं की गई तो पांच अप्रैल को विधानसभा का घेराव और 27 अप्रैल को संसद पर प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की जाएगी।
जिलाध्यक्ष रविभूषण सिंह ने अप्रैल 2005 से समाप्त पेंशन व्यवस्था को पुन: बहाल करने, दो सितंबर 2008 के बाद पदोन्नति पाए शिक्षकों को, पदोन्नति तिथि से 17140-18150 का वेतनमान देने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक पद पर ओर शिक्षणेतर कर्मियों के आश्रितों को भी योग्यतानुसार तैनाती देने की मांग की। राज्य कर्मियों की भांति बेसिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 साल की जाए। संरक्षक बाबूराम सिंह, मंडल पदाधिकारी संजय सिंह, महामंत्री धीरेंद्रपति तिवारी, यूटा संयोजक राकेश सिंह, जिलाध्यक्ष शिवम अग्रवाल, अटेव जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य, महामंत्री महेंद्र जायसवाल ने कहा कि बेसिक शिक्षकों को अन्य कर्मियों की भांति तीसरी पदोन्नति का लाभ देते हुए खंड शिक्षाधिकारी पद पर पदोन्नति देने, विधान परिषद निर्वाचन में मत का अधिकार देने, पूर्व की तरह शिक्षक पाल्यों को दस अंक का भारांक देने, जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को एलटी ग्रेड वेतनमान देने आदि मसलों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है लेकिन प्रदेश सरकार उदासीन बनी हुई है। कहा कि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो पांच अप्रैल से आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।