स्थानीय नगर पंचायत दफ्तर में शुक्रवार को चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने को लेकर अनिल सिंह और शिवप्रताप सिंह के समर्थकों के पहुंचने से विवाद की स्थिति उत्पन्न होने लगी। इसकी जानकारी मिलते ही फोर्स पहुंच गई। घंटे भर बाद दफ्तर से खुद को चेयरमैन बताने वाले दोनों लोग समर्थकों सहित चले गए। तब जाकर मामला शांत हुआ।
माह भर से चेयरमैन की कुर्सी संभालने को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को कार्यालय तक पहुंच गया। पूर्व चेयरमैन अनिल सिंह और नव निर्वाचित अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह लगभग 10 बजे कार्यालय पहुंच कर चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने के लिए दावेदारी की। अनिल सिंह ने कहा कि अभी उनका कार्यकाल खत्म नहीं हुआ है, इसलिए वे अभी 3 अप्रैल तक अध्यक्ष पद पर रहेंगे। जिसका आदेश प्रमुख सचिव मनोज कुमार द्वारा भेजा भी गया है। वहीं नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें जनता ने चुनकर भेजा है, इसलिए वे ही अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठेंगे। उन्होंने अनिल सिंह पर आरोप लगाया और कहा कि वे सत्ता का गलत फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें डीएम कार्यालय में बैठने को कहा गया है, इसलिए वे कार्यालय से नहीं हटेंगे। मामले की जानकारी होने पर भारी संख्या में फोर्स पहुंच गई। लगभग एक घंटे तक कार्यालय में रहने के बाद दोनों लोग वापस चले गए। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी प्रद्युम्न कुमार का कहना है कि उन्हें प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें अनिल सिंह का कार्यकाल तीस अप्रैल 2018 तक रहने की बात कही गई है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष के संबंध में अब तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन का जैसा आदेश होगा वे उसका पूरा पालन करेंगे। दरअसल गत एक माह से चल रहे इस घटनाक्रम से नगरवासियों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पिछले दो माह से नगर पंचायत से जुड़े कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है।