सोनभद्र। बिजली चोरी से हर माह लाखों का नुकसान झेलने वाला बिजली विभाग अब पुलिस की तर्ज पर अपने मुखबिर तैयार करेगा। उत्तर प्रदेश ऊर्जा निगम की ओर से आदेश के मुताबिक विभाग की ओर से जारी टोल फ्री नंबर 1912 पर बिजली चोरी की सूचना देने वालों को नाम तो गोपनीय रखा ही जाएगा।
सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में बिजली पैदा होती है। यहां पैदा होने वाली बिजली से यूपी के अलावा अन्य प्रदेशों के कई जिले रोशन हो रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जिस जिले में बिजली पैदा होती है वहां के लोगों को कटौती से जूझना पड़ रहा है। वजह फाल्ट और इमरजेंसी के नाम पर अंधाधुंध कटौती होना है। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र और नक्सल इलाकों में बिजली की चोरी धड़ल्ले से की जा रही है। इससे प्रतिमाह सरकार को लाखों की क्षति हो रही है। हालांकि इस पर रोक लगाने के लिए बिजली विभाग ने शहर से लेकर गांव तक मुखबिरों को तैनात करने का निर्णय लिया है। राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए सभी एसडीओ, अवर अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में मुखबिर बनाने का निर्देश दे दिया गया है। कहा कि बिजली चोरी के संबंध में टोल फ्री नंबर या बिजली कर्मियों को सूचना देने वालों का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। सूचना मिलते ही बिजली चोरी करने वालों के यहां छापेमारी कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।